लखीमपुर खीरी। मजहबे इस्लाम के आखिरी पैगंबर रसूल हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (मोहम्मद साहब) की यौमे पैदाइश को हर्षोल्लास से मनाया गया। सोमवार को शहर के मुख्य मार्गों से जुलूस बहुत ही अकीदत और एहतराम के साथ निकला। जुलूस में झांकियां, चार पहिया वाहन और बड़ी संख्या में बाइक सवार मौजूद रहे। इसके अलावा घोड़े और ऊंट पर अलग तरह की पोशाकों में सवार होकर अकीदतमंद शामिल रहे।
मरकजी कमेटी की तरफ से आयोजित जुलूस-ए-मोहम्मदी सोमवार सुबह मोहल्ला गोटैयाबाग से मीलाद, सलात और सलाम के बाद निकाला गया। मरकजी कमेटी के सचिव जुबेर अहमद राजू भाई ने बताया कि जुलूस मोहल्ला गोटैय्याबाग से चलकर बैंड मार्केट, हाथीपुर, मेला मैदान चौराहा होते हुए आनंद सिनेमा के सामने से गुजरता हुआ इमली चौराहा पहुंचा। वहां से जीजीआईसी के सामने से निकलकर, शाहपुरा कोठी, हिदायत नगर होते हुए नौरंगाबाद चौराहा पहुंचा।
यहां से डीएम बंगला सड़क से होकर सिकटिहा, सौजन्या चौराहा, बस अड्डा मार्ग, हीरालाल धर्मशाला चौराहे से तहसील मार्ग, सदर चौराहा, मुख्य मार्ग होते हुए मोहल्ला थरवरनगंज पहुंचा। बताया कि मीलाद, सलात और सलाम के बाद जुलूस का समापन किया गया। इस बीच जगह-जगह लंगर होते रहे और लोगों ने नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर, सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाए।
मोहल्ला गोटय्याबाग से जुलूस की अगुवाई मो अली उर्फ गुड्डू, मो दानिश ने की। जुलूस में मरकजी कमेटी के अध्यक्ष सूफी मुनीर अहमद, मो शाहिद, मो इश्तियाक अहमद, शाहिद अहमद, शादाब वारसी, भूटानी खां, मो आरिफ, मो सईद, मेराज अहमद, सिद्दीक वारसी, जहीर, खालिद, सलमान घोसी समेत कमेटी के लोग व हजारों की तादात में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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जुलूस निकलने से पहले की गई यह अपील
जुलूस के दौरान राह चलते कमजोरों, औरतों, बुजुर्गों, और मरीजों की गाड़ियों को निकलने के लिए रास्ता दें।
जुलूस किसी भी धर्मस्थल के सामने से गुजरे तो आवाज कम कर लें।
अमन के साथ जुलूस निकालें और दूसरों के लिए मिसाल बनें।
जुलूस में शरीक हजरात अदब व एहतराम के साथ दुरूद व सलाम पढ़ते चलें।
जुलूस में ऐसे नारे लगाना सख्त मना है जिस से किसी की भावना आहत हो। वही नारे लगाएं जो मरकजी कमेटी बताए।
खीरी टाउन। जुलूस कस्बा खीरी में अपने निर्धारित रास्तों से होता हुआ देर शाम को शाही किले पर संपन्न हुआ। मरकजी कमेटी अंजुमन रूहे कायनात की देखरेख में सुन्नी इमामबाड़े से सुबह कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मतलूब ने परचम कुशाई के बाद जुलूस को रवाना किया।
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गोला गोकर्णनाथ। कस्बे के नीची भूड़ मस्जिद से रजा कमेटी की अगुवाई में जुलूस ए मोहम्मदी शहर के प्रमुख मार्गों पर निकाला गया। जुलूस का समापन कृषक समाज इंटर कॉलेज के मैदान पर हुआ। सदर चौराहे पर पेश ए इमाम हसीब रजा, हाजी जफर उल्ला खान ने मुल्क के अमन चैन की दुआ की। जुलूस में पूर्व विधायक विनय तिवारी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रहलाद पटेल, रियाज उल्ला खां बन्ने प्रधान, सभासद कफील अहमद समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
खुशी का इजहार किया, नारे लगाए
सिकंदराबाद में मुस्लिम समाज के लोग और बच्चों ने चौराहों पर जुलूस निकाल कर खुशी का इजहार किया। साथ ही पैगंबरे इस्लाम के जन्मदिन की खुशी में नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर के नारे लगाए। जुलूस में मौलाना सलमान रजा इजराइल खां आजाद आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मितौली में ईद मिलादुन्नबी का पर्व सोमवार को कस्बे में अकीदत के साथ मनाया गया। जुलूस में इस्लामी झंडे के साथ तिरंगे भी लहराए गए। देश में अमन चैन की दुआएं मांगी गई। मुस्लिम समाज के लोग व नन्हे-मुन्ने बच्चों ने प्रमुख चौराहों पर जुलूस निकाल कर खुशी का इजहार किया।
भीरा कस्बे में बारावफात का जुलूस जामा मस्जिद से नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गौसिया मस्जिद तक निकला।
अमीरनगर में जुलूस ए मोहम्मदी कस्बे के मुख्य मार्ग से होते हुए छतुरी गांव की सूफी सैय्यद काजिम अली शाह हसनी की मजार पर पहुंचे।
अलीगंज में बड़ी ही धूमधाम से हजूर सरकारे दो आलम सल्लाह अलैह वसल्लम की शान में बड़ी ही अदीकत व धूमधाम से जुलूसे मोहम्मदी निकला गया।
फरधान में बारावफात के अवसर पर इलाके में सरकार की आमद मरहबा से इलाके में आवाज गूंजती रही। सकतापुर नूरी मस्जिद पेशइमाम मोलाना रहीश अहमद, करनपुर मोलाना अजीमुद्दीन की अगुआई में जुलूस निकाला गया।
रमियाबेहड़ में सोमवार को जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस विभिन्न गांव से निकाला गया। इस मौके पर कुरआन हदीस की रोशनी में अन्य उलेमाओं ने बयान किया और मुल्क में अमन और तरक्की की दुआ की गई।
ओयल में ईद मिलादुन्नबी का जुलूस सोमवार को अकीदत के साथ निकाला गया। कस्बे में गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिली। इस्लामिक झंडे के साथ तिरंगा झंडा भी लहराया गया। मुस्लिम समाज ने मुख्य मार्गों पर जुलूस निकालकर नारे तकबीर के नारे बुलंद किए।
धौरहरा क्षेत्र के लालापुरवा से कस्बे में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। क्षेत्र के सिसैया कुम्हेना, टेगनहा, महराज नगर, ईसानगर,अदलीसपुर आदि गांवों में भी अकीदतमंदों ने जुलूस निकालकर मोहम्मद साहब की शान नारे लगाए।
जुलूसे मोहम्मदी के जुलूस में शामिल झांकियां। संवाद