विश्व हिंदू परिषद के स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन शहर के लक्ष्मी नारायण मंदिर में किया गया। इस मौके पर शहर में आकर्षक झांकियों से सजी विशाल शोभायात्रा निकाली गई। विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
भुइफोरवानाथ मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा में बजरंगदल के कार्यकर्ता हाथों में भगवाध्वज लेकर सबसे आगे चल रहे थे। इसमें भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के अलावा कई झांकियां तथा समाज के विभिन्न वर्गों के सैकड़ों लोग शामिल थे। शोभायात्रा भुईफोरवानाथ मंदिर से दुख हरणनाथ मंदिर से विलोबी मेमोरियल हाल पहुंची। मुख्य वक्ता भोलेंद ने कहा कि आज देश में हिंदुओं को सत्संग के माध्यम से संगठित होना चाहिए जिससे छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण हो सके। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। समस्त हिंदू समाज जाति और राजनीति से ऊपर उठकर हिंदुत्व के लिए कार्य करे। देश में गोमाता, मठ मंदिर तथा संत सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पंडितों को पुनर्स्थापित करने पर काम चल रहा है। यहां महिला सत्संग का नेतृत्व कर रही रचना शुक्ला, अर्चना वाजपेयी तथा शीतल ने भजनों के माध्यम से रामनाम की महिमा का बखान किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत सत्संग प्रमुख मिश्रीलाल, प्रांत उपाध्यक्ष रामसेवक शर्मा, विभाग मंत्री आचार्य संजय मिश्रा, जिलाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष तुहिनांशधर, जिलामंत्री बृजेश पांडे, अनुज दीक्षित, इंद्रपाल वर्मा, सर्वेश पांडे, मोनू मिश्रा, बजरंगदल, जिला संयोजक रंजीत वर्मा, जिला प्रभारी अनुज तिवारी, सह संयोजक आलोक मिश्रा, सुधा शर्मा, डॉ.ओमकार दुबे और राजेश दीक्षित सहित तमाम लोग मौजूद थे।