फिल्म पीके के आमिर खान का फार्मूला अपनाना निघासन के एक झोलाछाप डॉक्टर को भारी पड़ गया। फिल्म में गाल पर पड़ने वाले थप्पड़ से बचने के लिए आमिर अपने एक गाल पर भगवान की तस्वीर चस्पा कर लेता है। इसी फिल्मी फार्मूले को ध्यान में रखकर सिंगाही रोड स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर ने अपनी क्लीनिक में पड़ोस की गली से आने वाली दुर्गन्ध से बचने के लिए वहां एक धार्मिक तस्वीर लगा दी। एक समुदाय का आरोप है कि दूसरे समुदाय के झोलाछाप डॉक्टर ने धार्मिक फोटो लघुशंका वाले स्थान पर लगा दिया था। मामले को तूल पकड़ता हुआ देखकर पुलिस ने उसे सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
कस्बे के सिंगाही रोड पर साप्ताहिक बाजार जाने वाली गली में वर्षों से खाली पड़ी जमीन पर लोग लघुशंका करते हैं। लघुशंका करने वाले स्थान के बगल में सिंगाही निवासी आसिफ खान ने अपना क्लीनिक खोल रखा है। क्लीनिक में बदबू आने के कारण वह आए दिन लोगों से झगड़ता रहता है। रविवार को भी कथित डॉक्टर से लोगों का लघुशंका करने को लेकर विवाद हो गया था। उसी स्थान पर अन्य लोगों के प्रतिष्ठान हैं। अन्य दुकानदारों से इस बाबत कोई भी विवाद नहीं होता है। आरोप है कि रविवार को लघुशंका करने वाले स्थान पर डॉक्टर ने धार्मिक तस्वीर दीवार के सहारे टांगकर गंदगी में अगरबत्ती लगा दी। इस बात की जानकारी लोगों को तब हुई जब वे लोग वहां गए। इससे एक समुदाय में तनाव फैल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। मौके पर पहुंचे एसओ परशुराम ओझा ने लोगों को शांत कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। व्यापार मंडल अध्यक्ष एके चौबिया, मनोज श्रीवास्तव आदि लोगों ने एसओ से बातचीत कर एक तहरीर दी। पुलिस ने सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के आरोप में झोलाछाप डॉक्टर आसिफ खान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।