निघासन। ग्राम पंचायत लुधौरी ने विकास की नई इबारत लिख दी है। पंचायत की सूरत अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधान रंजना जायसवाल और प्रतिनिधि मनोज जायसवाल ने पंचवर्षीय कार्यकाल में गांव के चहुंमुखी विकास का खाका तैयार कर उसे धरातल पर उतार दिया है।
लुधौरी पंचायत में कुल 28 मजरे हैं, जिसकी आबादी लगभग 28000 है। इसमें करीब 18000 मतदाता हैं। गांव की ज्यादातर खड़ंजे वाली सड़कें अब इंटरलॉक से सुसज्जित हो चुकी हैं। पंचायत में प्रवेश करते ही आकर्षक मुख्य द्वार स्वागत करता है। वहीं, तिरंगे के रंगों से सजी एलईडी लाइटें रात में गांव की रौनक बढ़ा रही हैं। अब पंचायत के अधिकांश गांव अंधेरे से मुक्त होकर उजाले की राह पर हैं।
गांव के सार्वजनिक स्थलों पर बैठने की व्यवस्था की गई है। स्कूलों में बच्चों के लिए झूले और जिम सेंटर बनाए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल परिसरों में चहारदीवरी भी खड़ी की गई है। आयुष्मान मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) और मुक्तिधाम की चहारदीवारी ग्रामीणों के लिए राहत भरा कदम साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को छत मिली है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण ग्रामीणों को स्वच्छता की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। इसके अलावा गांव में जगह-जगह कचरा गड्ढे बनाए गए हैं, जिससे साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है।
-12 से अधिक कुओं का कराया गया सुंदरीकरण-
प्रधान रंजना जायसवाल ने बताया कि लुधौरी पंचायत का एक और आकर्षण इसके कुएं हैं। पंचायत में करीब एक दर्जन से अधिक कुओं का सौंदर्यीकरण कराया गया है, जो अब राजस्थान के पारंपरिक जल स्रोतों की झलक पेश करते हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि अब लुधौरी गांव विकास की राह पर तेजी से अग्रसर है। पंचायत के प्रयासों से अब गांव के हर कोने तक मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। रात में जब तिरंगे की रोशनी गांव को नहलाती है, तो लुधौरी का हर कोना विकास की चमक से दमक उठता है।
ग्राम प्रधान रंजना मनोज जायसवाल
ग्राम प्रधान रंजना मनोज जायसवाल