लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बना फिजियोथेरेपी विभाग हड्डी के मरीजों का दर्द और बढ़ा रहा है। सीढि़यां चढ़कर जाने की वजह से कई तो ऐसे ही लौट जाते हैं। कुछ हिम्मत कर बस एक या दो बार ही पहुंच पाते हैं और पूरा कोर्स भी नहीं कर पाते।
जिला अस्पताल में वृद्धों के इलाज के लिए फिजियोथेरेपी विभाग बनवाया गया था। इसमें एक्सरसाइज साइकल, ट्रेक्शन मशीन, डाया थर्मी, गर्दन कमर की ट्रेक्शन मशीन, टेंश और अल्ट्रासाउंड मशीन सहित अन्य मशीनें हैं। इनसे मरीजों की भी थेरेपी भी की जाती है। भूतल की जगह यह यूनिट दूसरी मंजिल पर बनवा दी गई।
यहां करीब प्रतिदिन 18-20 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें करीब 8-10 मरीज वृद्ध भी होते हैं। इसमें सबसे अधिक कंधे जाम, दर्द, कमर दर्द, कूल्हा दर्द, नसों की झनझनाहट से परेशान होते हैं। यहां आने वाले मरीजों को तब सबसे बड़ी दिक्कत आती है, जब उन्हें चढ़कर दूसरे मंजिल तक जाना पड़ता है।
फिजियोथेरेपी विभाग ऊपर होने से पैर की समस्या को लेकर आने वाले मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। मरीजों का कहना है कि पहले से ही जोड़ों में दर्द होने के बाद सीढि़यों से ऊपर चढ़कर जाने में दर्द और बढ़ जाता है।
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सालों बाद चली लिफ्ट, पर आए दिन रहती है खराब
मरीजों व स्टाफ के लिए जिला अस्पताल में लिफ्ट लगवाई गई थी। हालांकि, इन लिफ्ट के चक्के कई साल तक थमे रहे। इससे मरीजों को रैंप या सीढि़यों का ही सहारा लेना पड़ता था। बीते कुछ महीनों से इन लिफ्ट को सही करा दिया गया। हालांकि, यहां आए मरीजों ने बताया कि अक्सर यह लिफ्ट खराब हो जाती है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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इस अस्पताल को महिला अस्पताल के लिए बनाया गया था। अस्पताल को कुछ समय के लिए शिफ्ट गया था। अब मेडिकल कॉलेज बन रहा है। वहां फिजियोथेरेपी विभाग भूतल पर बनाया जा रहा है।
डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल