लखीमपुर खीरी। लखनऊ-सीतापुर-लखीमपुर सहित अन्य मार्गों पर अवैध रूप से संचालित बसों को अब रोडवेज की अनुबंधित योजना में शामिल किया जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य ये है कि अवैध रूप से बसों के संचालन को शून्य हो। इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ पर बड़ी संख्या में अवैध बसों व अन्य वाहनों का संचालन हो रहा है। 24 घंटे की चेकिंग में 98 अवैध वाहनों के संचालन की पुष्टि हुई है। इनके संचालन को शून्य करने के लिए इन्हें रोडवेज के अनुबंध से संचालित करने का फैसला लिया गया है। करीब 54 बसों को अनुबंध पर रखा जाना है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक हरदोई ने आदेश में कहा कि गोला-लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ मार्ग पर पांच, लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ मार्ग पर 30, सीतापुर-सिधौली-लखनऊ सिधौली-मिश्रिख नैमिष मार्ग पर 15 व गोला-कस्ता-सीतापुर-लखनऊ पर चार बसों को अनुबंध पर रखा जाना है। निविदा प्रपत्र को 13 अक्टूबर को निगम वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
छह नवंबर तक ऑनलाइन निविदा भरने व सात को तकनीकी बिड डाउनलोड करने की तिथि रखी गई है। आदेश में कहा गया है कि बस स्वामी बस के आरसी, फिटनेस, बीमा, जमा अद्यतन मार्ग कर आदि प्रपत्र अपलोड करेंगे। रेड कारीडोर मार्गों पर अनुबंधन नहीं किया जाएगा। अनुबंध होने वाली बसों का मार्ग नहीं बदला जाएगा। अनुबंध अवधि बस की अधिकतम आयु पंजीयन 10 वर्ष होगी।