पहाड़ों पर बर्फवारी से तराई में सर्द हवा के थपेड़े
जिले में एक बार फिर शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से तराई में गलन बढ़ गई है। सुबह शाम कोहरा और सर्द हवाओं के चलने से जिले में लोग कांप रहे हैं। दिन में धूप निकलने से कुछ राहत है, लेकिन सुबह शाम की ठंड से जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है।
कड़ाके की ठंड के चलते लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बच्चों को स्कूल कालेज जाने में जहां दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मजदूरों, रिक्शा चालकों और पल्लेदारों को काम करने में दिक्कत हो रही है। सुबह शाम अलाव के सहारे लोग ठंड से बचाव का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। शहर में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था न होने से भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बिजुआ। तीन दिन से पड़ रही ठिठुरन भरी सर्दी के बावजूद इलाके में अलाव की व्यवस्था नही की गई है। ऐसे में मजदूर और किसान वर्ग खासा परेशान हैं। बिजुआ ब्लाक के प्रमुख स्थानों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नही की गई है। पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते तापमान गिर गया है। इससे ठिठुरन भरी सर्दी पड़ने से अस्पतालों में भर्ती मरीज एवं उनके तीमारदारों को खासी परेशानी हो रही है। वहीं चीनी मिल गन्ना लाने वाले किसान, मजदूर तबके के लोग परेशान हैं।
पलियाकलां। इलाके में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। दिन भर सूरज के न निकलने से ठंड का प्रकोप अधिक रहा। जिससे लोग घरों में दुबके रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बाजार में भी रौनक कम दिखाई दी। देर तक कोहरा पड़ने से वाहन राहगीरों को दिक्कतें पेश आईं।
मझगईं। बुधवार से शुरू हुआ ठंड का कहर वृहस्पतिवार को सारा दिन धूप न निकलने से जारी रहा। भीषण ठंड के चलते तराई गांवों के बाशिंदे कांपने पर मजबूर हो गए। लेकिन प्रशासन द्वारा अलाव नहीं जलाए गए। बैंक, पीएचसी, बस अड्डा चौराहा, नुक्कड़ों और बाजार में कहीं भी अलाव जलते नजर नहीं आ रहे हैं। अलाव न जलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।