छह सूत्री मांगों को लेकर 23 अगस्त को करेंगे धरना प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को लेखपालों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। 23 अगस्त को जिले भर के लेखपाल पूरी तरह कार्य बहिष्कार करते हुए नसीरुद्दीन मौजी भवन में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक धरना प्रदर्शन करेंगे।
लेखपाल अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। लेखपालों की मांग है कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर की जाए। लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक और शैक्षणिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2800 किया जाए। लेखपाल संवर्ग का कॉडर पूर्ववत जिलास्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाए। लेखपालों की यह भी मांग है कि पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक नियुक्त हो। राजस्व परिषद के पत्र के अनुसार राजस्व निरीक्षक के 626 पदों का सृजन किया जाए। राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति और नायब तहसीलदार प्रोन्नति के लिए राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन किया जाए।
लेखपालों की मांग है कि ई-डिस्ट्रिक्ट आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए लेखपालों को लैपटॉप तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। एक अप्रैल 2005 से चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए। एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी और सेवानिवृत्त/ मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन सुविधा प्रदान की जाए।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रामकुमार दीक्षित ने बताया कि अपनी मांगों के संबंध में कई बार मुख्य सचिव और राजस्व मंत्री को ज्ञापन दिए गए लेकिन अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते लेखपालों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।