वृद्धावस्था और समाजवादी पेंशनधारकों का होना है सत्यापन
डीएम ने 30 अप्रैल तक मांगी थी सत्यापन रिपोर्ट
शहर में एसडीएम और ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ पर जिम्मेदारी
अब तक किसी ब्लाक के बीडीओ ने नहीं सौंपी सत्यापन रिपोर्ट
वृद्धावस्था और समाजवादी पेंशन योजना के लाभार्थियों का सत्यापन कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है, जिससे लाभार्थियों को पहली किस्त की धनराशि मिलने में देरी हो सकती है। डीएम आकाशदीप ने पेंशन लाभार्थियों के डाटा बेस का डिजिटाइजेशन और आधार नंबर लिंक कराने सहित पात्र-अपात्र संबंधी सत्यापन करने के निर्देेश दिए थे। शहरी क्षेत्र में इस कार्य की जिम्मेदारी एसडीएम और ग्रामीण क्षेत्र में सत्यापन कार्य के लिए सभी बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीएम ने सत्यापन कार्य अविलंब पूरा करते हुए 30 अप्रैल 2016 तक जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में निर्धारित प्रपत्रों पर सत्यापन रिपोर्ट जमा करने को कहा था, लेकिन अब तक एक भी ब्लाक के बीडीओ ने रिपोर्ट जमा नहीं की है।
पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए आधार नंबर होना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके न होने पर लाभार्थी को पेंशन के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही पात्र/अपात्र होने और जीवित/मृत होने के संबंध में लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाना है। इन बिंदुओं के अनुसार लाभार्थियों का डाटा बेेस डिजिटाइजेशन कराते हुए आधार नंबर से लिंक कराया जाना है, जिसके लिए संबंधित कर्मचारी लाभार्थी के घर जाकर उसका आधार नंबर अंकित करेंगे। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन लाभार्थियों के आधार कार्ड नहीं बने हैं, तो संबंधित कर्मचारी इसकी सूचना अपने बीडीओ या एसडीएम को देगा। ताकि जिला स्तर पर नामित एजेंसी से ऐसे लाभार्थियों का आधार कार्ड बनवाया जा सके। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाभार्थियों के बैंक खाते में पेंशन की रकम भेजी जाएगी। जमीनी हकीकत अभी कोसों दूर है, क्योंकि अब तक एक भी बीडीओ ने सत्यापन कार्य पूरा नहीं कराया है और न ही समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में रिपोर्ट सौंपी है।
अभी किसी ब्लाक से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई हैै। इस संबंध में सभी बीडीओ और एसडीएम को रिमाइंडर जारी किया गया है। साथ ही उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा हैै।
-ओपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी