ओयल। भीषण सर्दी के बीच जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या घट गई है। मंगलवार को 593 पर्चे नए बने। वैसे 1000 से कम ओपीडी नहीं होती थी। इस वक्त सिर्फ खांसी-जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीज ही डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। वार्ड में भी भर्ती मरीजों की संख्या कम है।
बाल रोग की ओपीडी में महज 22 मरीज दवा लेने के लिए आए। इसमें साधारण खांसी, बुखार, जुकाम के अलावा कोल्ड डायरिया से प्रभावित बच्चे शामिल रहे। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि इस मौसम में बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में जरा सी लापरवाही से बच्चे निमोनिया, कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम व बुखार की चपेट में आ जाते हैं। निमोनिया की बीमारी सांस से जुड़ी है। इसमें फेफड़ों में संक्रमण होने के साथ ही सूजन आ जाती है।
बच्चों के लिए यह बरतें सावधानी
डॉक्टर ने बताया कि सर्दी से बच्चों को बचाने को लिए प्रयास करें। इस मौसम में बच्चे घर से बाहर न घूमें। बच्चों को बाइक पर आगे बैठाकर न निकलें। उनका पूरा शरीर गर्म कपड़ों से ढका रखें। ताजा व गर्म भोजन ही कराएं। उल्टी-दस्त होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। नवजात बच्चों की इस मौसम में मालिस न करें। नवजात व अधिक छोटे बच्चों को नहलाने से बचें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। गर्म पानी में कपड़े को भिगोकर उनके शरीर को साफ करें। डॉक्टर की सलाह से भाप देना भी फायदेमंद रहता है। छह माह तक के बच्चों को स्तनपान कराएं। बाहरी खाद्य व पेय पदार्थ न दें।