लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड मामले में मंगलवार को एडीजे देवेंद्रनाथ सिंह की अदालत में डॉ. अंकित साहू की गवाही के लिए अभियोजन का मौका समाप्त कर दिया गया। अभियोजन की ओर से बाद में दाखिल की गई 311 सीआरपीसी की अर्जी को मंजूरी देते हुए पीजीआई में तैनात डॉ. अंकित साहू को बयान दर्ज कराने के लिए पांच जनवरी के लिए अदालत में तलब किया गया है।
बहराइच में दोबारा हुए पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट को साबित करने के लिए पिछली पेशी पर डॉ. राजा रुपानी को तलब किया गया था, मगर इसी बीच पत्राचार करते हुए डॉ. राजा रुपानी ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट तो डॉ.अंकित साहू के हस्तलेख में तैयार की गई थी, लिहाजा उनके स्थान पर अंकित उपयुक्त होंगे।
इस पर अभियोजन पक्ष की ओर से पीजीआई में तैनात डॉ. अंकित साहू को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया था, लेकिन मरीजों के इलाज और सरकारी काम का हवाला देते हुए उनकी ओर से 15 दिन का समय देने का अनुरोध किया गया था। इस बारे में स्थगन प्रार्थना पत्र लेकर दोपहर एक बजे जब अभियोजन टीम की ओर से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी पहुंचे तो पता चला कि गैर हाजिरी के चलते गवाही का मौका अंकित साहू के बारे में समाप्त कर दिया गया है।
इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद अभियाेजन की ओर से गवाह अंकित साहू के बयान का महत्व बताते हुए उन्हें बतौर कोर्ट विटनेस तलब करने का अनुरोध किया गया। इस पर सुनवाई के बाद अदालत ने पांच जनवरी के लिए डॉ. अंकित को तलब करने के आदेश दिए हैं।