धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में राजशाही की दोबारा वापसी और पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह को दोबारा राजा बनाए जाने की मांग पर नेपाली सेना ने बड़ा बयान दिया है। सेना का कहना है कि नेपाली सेना किसी विशेष व्यक्ति राजनेता की नहीं, बल्कि राष्ट्र की है। सेना के बयान से राजा समर्थकों व राजनैतिक पार्टियों में भी खलबली मच गई है।
नेपाल में 17 वर्षों बाद राजशाही की वापसी को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। राजशाही की वापसी का मांग उठ रही है। इसको लेकर नेपाली सेना द्वारा समर्थन दिए जाने की बात भी कही जा रही थी। राजा समर्थक भी सेना के साथ होने की आस लगाए हुए थे।
इधर, नेपाली सेना के प्रमुख अशोक राज सिग्देल ने बड़ा बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि नेपाली सेना किसी विशेष व्यक्ति व नेता की सेना नहीं है, बल्कि राष्ट्र की है। जो देश की स्वतंत्रता, सार्वभौमिकता, भौगोलिक अखंडता, राष्ट्रीय एकता के लिए संविधान के तहत राष्ट्रहित में कार्य करेगी।
आज से शुरू होगा आंदोलन
राजशाही की दोबारा वापसी को लेकर शुक्रवार को काठमांडो में संयुक्त जन आंदोलन की घोषणा की गई है। इसकी जिम्मेदारी दुर्गा प्रसाई को दी गई है। प्रदर्शन को सफल बनाने और सहभागिता करने की अपील की जा रही है। शुक्रवार को काठमांडो में दो स्थान पर राजावादी व गणतंत्र वादी के अलग-अलग प्रदर्शन को लेकर कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था भी की गई है।