बुधवार की शाम जाना था बहन का तिलक, सामान लेने आया था लखीमपुर
बहनों को दुकान पर बैठाकर एटीएम से पैसा निकालने गया था इंद्रेश
छोटी बहन के तिलक का सामान लेने मंगलवार को अपनी बहनों और परिवार के अन्य लोगों के साथ आया थाना धौरहरा के गांव सेमरी निवासी युवक का शव बुधवार की सुबह ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र में पेड़ से लटकता मिला। वह अपनी बहनों को कपड़े की दुकान पर बैठाकर पैदल एटीएम से पैसा निकालने गया था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। उसके जाने के 10 मिनट बाद जब परिवार के लोगों ने कॉल की तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
धौरहरा कोतवाली के गांव सेमरी निवासी लक्ष्मीनरायन वर्मा ने बताया कि छोटी पुत्री पूजा की शादी उन्होंने सदर कोतवाली के गांव बेलपुरवा से तय की थी। बुधवार को पुत्री का तिलक जाना था। मंगलवार को पुत्र इंद्रेश(40) ने तीन बहनों और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को चार पहिया वाहन से लखीमपुर भेज दिया और खुद अपनी बाइक से गन्ने का 80 हजार रुपये लेकर लखीमपुर पहुंचा। लखीमपुर में वह बहनों से मिला और उन्हें गुड़ मंडी में एक कपड़े की दुकान पर ले गया, जहां उसने बहनों से कपड़ा पसंद करने की बात कहते हुए कहा कि बाइक भी खरीदनी है, पैसा कम पड़ सकता है, इसलिए वह एटीएम से पैसा निकालने जा रहा है। उसके पिता के मुताबिक इंद्रेश ने बाइक दुकान पर खड़ी कर दी और पैदल चला गया। 10 मिनट तक जब वह वापस दुकान पर नहीं पहुंचा तो उसके मोबाइल पर कॉल की गई तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। काफी देर इंतजार करने के बाद भी इंद्रेश जब वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई और उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। सुबह थाना खीरी की ओयल चौकी पुलिस ने उसके शव पेड़ से लटके होने की घर वालों को सूचना दी। सूचना मिलते ही तिलकोत्सव की खुशियां मातम में बदल गईं। रोते-बिलखते परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई है। एसओ जावेद अख्तर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
... कहीं पैसों की खातिर तो नहीं गई इंद्रेश की जान
मृतक के पास नहीं मिले 80 हजार रुपये
परिवार वालों ने रुपये लूटने के बाद जताई हत्या की आशंका
गांव सेमरी निवासी इंद्रेश वर्मा काफी मिलनसार और मृदुल स्वभाव का था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। परिवार वालों की मानें तो घर पर भी कभी उसका किसी से कोई मनमुटाव नहीं रहा। ऐसे में जब उसकी छोटी बहन की शादी थी तो वह कैसे आत्महत्या कर लेगा? यह सवाल लोगों को अखर रहा है। दुकान से हटने के 10 मिनट बाद मोबाइल स्विच ऑफ होने और 80 हजार रुपये उसके पास न मिलने से परिवार वालों को आशंका है कि लूट के बाद इंद्रेश की हत्या कर उसके शव को लटका दिया गया।
गांव सेमरी निवासी इंद्रेश वर्मा अपने पिता लक्ष्मीनरायण वर्मा के इकलौते पुत्र थे। उनके चार बहनें हैं। तीन बहनों की शादियां हो चुकी हैं। 28 फरवरी को छोटी बहन पूजा की बारात आनी थी। बुधवार को तिलक समारोह था। घर पर तिलक की सारी तैयारियां पूरी हो चुकीं थी। सिर्फ बहन को देने के लिए बाइक और कुछ कपड़े खरीदने थे। इसी को लेकर वह मंगलवार को लखीमपुर आया था। मृतक के पिता लक्ष्मीनारायण ने बताया कि उनकी और उनके पुत्र की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। इंद्रेश काफी हंसमुख और मिलनसार था। घर परिवार में भी कभी किसी से कोई टकराव नहीं हुआ। इंद्रेश अपनी छोटी बहन पूजा को काफी मानता था। इसलिए वह उसकी शादी काफी धूमधाम से कर रहा था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। बुधवार की शाम को उसे तिलक ले जाना था, लेकिन सुबह ही पुत्र के लटककर आत्महत्या करने की मनहूस खबर आ गई। बताया कि पुत्र की जेब से मोबाइल, एटीएम कार्ड, घड़ी और कागजात मिले हैं, लेकिन 80 हजार रुपये नहीं मिले। उन्हें आशंका है कि उसके बेटे के पीछे गांव या फिर शहर से ही कोई व्यक्ति लग गया और इंद्रेश को विश्वास में लेकर अपहरण कर लिया। बाद में रुपये लूटकर उसकी हत्या कर दी और आत्महत्या का रूप देने के लिए शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर उसके शव को थाना खीरी की ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र में जिंद बाबा के स्थान के निकट लटका दिया।