लखीमपुर खीरी। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने इसका संज्ञान लेते हुए नगर पालिका व पंचायत को आदेश दिए थे। उच्चतम न्यायालय ने जिम्मेदारों से शेल्टर होम बनाने के अलावा कुत्तों का टीकाकरण कराने के लिए कहा था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नगर पालिका कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
प्रशासन की सुस्ती की वजह से आवारा कुत्ते लगातार बढ़ रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गांव की गलियों तक इनके झुंड देखे जा रहे हैं। सड़क पर घूमने की वजह से आए दिन आवारा कुत्तों से टकराकर बाइक सवार चोटिल हो जाते हैं। वहीं, आक्रामक होने पर यह कुत्ते लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में 1313, अक्तूबर में 1411 लोगों को एंटी रैबीज लगाया गया है। वहीं, जिला महिला अस्पताल में भी सितंबर में 165, अक्तूबर में 146 मरीजों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया है। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बेघर कुत्तों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। नगर पालिका व पंचायतों द्वारा इन कुत्तों को न तो पकड़वाया जा रहा है और न ही इनका टीकाकरण किया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय कुत्तों के झुंड गलियों में घूमते हैं और कई बार राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह सैर करने वालों को रोजाना डर के माहौल में निकलना पड़ता है।