लखीमपुर खीरी। नगर पालिका लखीमपुर एक लेखाकार की नियुक्ति के लिए करीब 16 साल से इंतजार कर रही है। तत्कालीन लेखाकार के निधन के बाद से 2009 से एक बाबू को इसका अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया, जो अब तक इस कार्य को कर रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण इतने साल बीतने के बाद भी लेखाकार को तैनात नहीं किया जा सका है।
लखीमपुर नगर पालिका में लेखाकार के रूप में राजकरन अपने कार्य का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन 2009 में उनका निधन हो गया। नगर पालिका का कार्य बाधित न हो, इसको लेकर उनके निधन के बाद यह चार्ज कुछ समय के लिए यहां के लिपिक प्रहलाद सिंह को दे दिया गया था। हालांकि कुछ दिन के लिए दिए गए चार्ज को अब 16 साल बीत चुके हैं और नगर पालिका अब तक नए लेखाकार की भर्ती नहीं कर पाई है।
इतने साल बीतने के बाद भी लेखाकार का पद रिक्त होने के बाद भी इस पद को भरने के लिए शासन से मांग नहीं की गई। कई बार सभासदों ने भी बैठक में उक्त बाबू को मूल पद पर भेजने के साथ ही नए लेखाकार की नियुक्त करने की मांग की, लेकिन अधिकारी नए लेखाकार की भर्ती को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। इस मामले में जब ईओ नगर पालिका लखीमपुर से बात करने का प्रयास किया गया तो वह टाल गए और किसी अन्य अधिकारी से बात करने का कहा।
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एकाउंट का काम जिम्मेदारी का होता है। प्रहलाद सिंह कई वर्षों से इस कार्य को देख रहे हैं। इसलिए बदलाव नहीं किया गया। हालांकि कुछ महीनों में वह रिटायर होने वाले हैं, इसलिए उनके साथ एक लिपिक को लगाया गया है।
डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष, नगर पालिका लखीमपुर