अभियोजन पक्ष ने बताया कि गोला थाने के मोहल्ला अर्जुन नगर निवासी राममनोहर की अपने भांजे राजीव गुप्ता उर्फ राजू से घर में टेंपो का इंजन बेचने को लेकर कहासुनी हो रही थी। इसी बीच राजीव गुप्ता ने नाराज होकर चाकू चला दिया, जो राममनोहर की पत्नी को लगा। इससे उनकी अंगुलियाें से खून बहने लगा, जब उनके पुत्र सुधीर ने अपनी माता को बचाने और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तो राजीव ने सुधीर के सीने में चाकू मार दिया।
इससे घायल होकर रक्तरंजित अवस्था में सुधीर घर से बाहर निकलकर सड़क पर गिर गया। उसे सीएचसी गोला ले जाया गया, जहां डाॅक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया।
नौ साल पुराने मामले में अदालती सुनवाई के दौरान रामनोहर, संतोष कुमारी, पूजा गुप्ता, विकास गुप्ता, रोशनी गुप्ता, डाॅक्टर अजय वर्मा, डाॅक्टर कमलेश नरायन, इंस्पेक्टर अजय सिंह, इंस्पेक्टर विजय सिंह और संतोष तिवारी ने अभियोजन के समर्थन में बयान दर्ज कराए।
मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोषी राजीव गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वसूली गई जुर्माने की रकम से 75 प्रतिशत रकम दिवंगत सुधीर के परिजनों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।