लखीमपुर खीरी। केंद्रीय बजट में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ ही लाइन के दोहरीकरण की भी उम्मीद जगी है। इससे जहां ट्रेनों की क्राॅसिंग के दौरान समय की बर्बादी नहीं होगी तो वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों से देश के कोने-कोने तक जाने का रास्ता आसान होगा। कारोबार भी रफ्तार भरेगा। जिले से दिल्ली का सफर भी आसान होगा।
जिले का अधिकांश कारोबार दिल्ली, हरियाणा, पंंजाब, उत्तराखंड आदि से जुड़ा है लेकिन ट्रेनें न होने से कारोबार को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। कृषि के मामले में गन्ना, गेहूं, धान, केला, आलू आदि विभिन्न प्रकार की फसलें हैं, तो दूध व मछली पालन का कारोबार भी काफी है। जिले में परिवहन व्यवस्था ठीक न होने से इन उत्पादनों को अच्छा बाजार नहीं मिल पाता, जिससे अच्छा दाम नहीं मिल पाता।
यही वजह है कि न किसान आगे बढ़ पा रहे हैं और न ही यहां के कारोबारी। जिले में ट्रेनों की व्यवस्था बेहतर हो जाए, जो काफी कुछ बदलाव होंगे। केंद्रीय बजट से ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ ही दोहरीकरण कराया जाना है।
धनीराम वर्मा