वन रेंज भीरा के पड़रिया तिलकापुर में जंगल किनारे गन्ना छील रहे मजदूर पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। गनीमत रही कि साथी मजदूरों ने बिना डरे हुए बाघ पर गन्ने बरसाने शुरू कर दिए। इससे बाघ मजदूर को छोड़कर वापस जंगल में चला गया। घायल को सीएचसी में भर्ती करवाया गया।
शुक्रवार की सुबह लगभग दस बजे पड़रिया तिलकापुर निवासी राजाराम के खेत में घनश्याम मजदूरी करने गया था। वह गन्ना छील रहा था। साथ में रंजीत कुमार, नन्हेलाल और कमलादेवी भी गन्ना छील रहे थे। इसी बीच जंगल में छिपे बाघ ने घात लगाकर घनश्याम पर हमला कर दिया। हमला होते ही घनश्याम की चीख निकल गई। चीख सुनकर कुछ ही मीटर की दूरी पर गन्ना छील रहे अन्य साथियों ने बिना घबराहट गन्ने से ही बाघ पर वार करने शुरू कर दिया। इससे बाघ घनश्याम को छोड़कर जंगल के अंदर वापस भाग गया।
मौके पर पहुंचे अन्य ग्रामीणों व साथियों की मदद से घनश्याम को बिजुआ सीएचसी लाया गया, जहां पर उसका इलाज शुरू किया गया। अब उसकी हालत सामान्य बताई गई है। सूचना मिलते ही मौके पर भीरा रेंजर राजकुमार शर्मा, डिप्टी रेंजर अनुज रंजन, फारेस्टर विजयसिंह, अवनीश शर्मा, फारेस्ट गार्ड कंधईलाल ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने व जंगल के किनारे खेतों में अकेले न जाने की अपील की है।