लखीमपुर खीरी। गढ़ी उपकेंद्र के पास शिफ्ट की गई अंडरग्राउंड बिजली लाइन की जांच अफसरों ने पूरी कर ली है। अफसरों ने बताया कि जहां अंडरग्राउंड लाइन शिफ्ट की गई है, वहीं पर गढ़ी उपकेंद्र और बसैगापुर उपकेंद्र की लाइनें पास-पास है। इसी वजह से त्रुटिवश लाइन बन गई। गढ़ी उपकेंद्र लखीमपुर डिवीजन और बसैगापुर उपकेंद्र मितौली डिवीजन में आती है।
लाइन शिफ्टिंग की अनुमति है और उसकी धनराशि भी जमा है। ऐसे में अब यह लाइन संबंधित डिवीजन को सौंप दी जाएगी और कार्य का नाम बदल दिया जाएगा। लखीमपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गढ़ी उपकेंद्र और बसैगापुर उपकेंद्र के लिए एक ही जगह से लाइन निकली हुई है।
बसैगापुर की लाइन को अंडरग्राउंड करने के लिए मितौली डिवीजन में नौ लाख 12 हजार रुपये जमा कराए गए हैं। इसकी स्वीकृत भी है, लेकिन गलती से गढ़ी उपकेंद्र की 33 केवी लाइन की शिफ्टिंग का कार्य कर दिया।
फिलहाल यह कार्य मितौली डिवीजन को हैंडओवर किया जा रहा है और कार्य का नाम भी बदल दिया जाएगा। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है। इस संबंध में जब लखीमपुर डिवीजन के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार का पक्ष जानने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
दो एक्सईएन आ गए थे आमने-सामने
मामला करीब 10 दिन पुराना है। लखीमपुर डिवीजन के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने गढ़ी पर लाइन शिफ्टिंग के मामले में कहा था यह लाइन बिना अनुमति शिफ्ट की जा रही हैं, जो नियमानुसार गलत है। जबकि मितौली डिवीजन के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने कहा कि इस लाइन की अनुमति है और उसकी लागत भी जमा है। जब यह मामला दो अफसरों के बीच फंसा तो अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच की। जांच में दोनों अफसर अपनी जगह सही पाए गए।