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बांकेगंज की प्रेरणा देश-विदेश के युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

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अवार्ड के साथ प्रेरणा।
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उच्च शिक्षा और ऊंचे पैकेज की नौकरी छोड़कर कर रहीं खेती
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कृषि के क्षेत्र में उन्हें मिल चुका है ग्लेंटर एक्स अवार्ड
बांकेगंज। हौसला हो तो अपनी जमीन से जुड़कर भी तरक्की के रास्ते निकाले जा सकते हैं। यह साबित कर दिखाया है बांकेगंज की बेटी प्रेरणा लाल ने। बायोटेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद एक छोटे से कस्बे में रहकर न केवल उन्नत तरीके से खेती कर रही हैं बल्कि अमेरिका के बच्चों को ऑनलाइन प्रोफेशनल इंगलिश पढ़ा रही हैं। दक्षिण भारत के छात्रों को ऑनलाइन सीए फाउंडेशन की तैयारी भी करा रही हैं।
बांकेगंज कस्बा निवासी प्रेम बिहारी लाल सिन्हा और नीलम लाल की इकलौती बेटी प्रेरणा लाल ने बेंगलुरु के एमएस रमैया कॉलेज से बायोटेक में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रेरणा लाल ने कुछ मल्टीनेशनल कंपनियों में अच्छे पैकेज पर जॉब भी किया। कई स्कूलों में शिक्षण कार्य किया, लेकिन वह अपने गांव और जिले के लिए कुछ करना चाहतीं थीं। इसलिए नौकरी छोड़कर बांकेगंज आ गईं और अपने पिता प्रेम बिहारी लाल के साथ खेतीबाड़ी करने लगीं। प्रेरणा को लगा कि इस कृषि कार्य में नए प्रयोग कर एक मिसाल कायम की जा सकती है। यहां आकर पहले केले की खेती में हाथ अजमाया, जिससे अच्छा मुनाफा हुआ। उसके बाद अब प्रेरणा ने लीक से हटकर नींबू की खेती शुरू की है। उसके खेतों में लगे नींबू से लदे पेड़ों को देख लोग आश्चर्य से दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं। प्रेरणा कहतीं हैं कि खेती से नित नए प्रयोग कर वह इसे एक उद्योग के रूप में विकसित करना चाहती है।
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हाल ही पिता प्रेम बिहारी लाल के दिवंगत होने के उपरांत प्रेरणा लाल केवल खेती ही नहीं बल्कि अपनी प्रतिभा का उपयोग शिक्षण कार्य में भी कर रही है। वह दक्षिण भारत के छात्रों को एक प्रोफेसर के रूप में ऑनलाइन पढ़ाकर उन्हें सीए फाउंडेशन प्रवेश परीक्षा के साथ ही अमेरिका के बच्चों को ऑनलाइन प्रोफेशनल इंगलिश भी पढ़ा रही हैं।
कृषि क्षेत्र में मिला सम्मान
कृषि के क्षेत्र में उन्हें ग्लेंटर एक्स अवार्ड मिला है। इस अवार्ड के लिए 10400 लड़कियां शामिल हुईं, जिसमें केवल 100 लड़कियां चुनीं गईं। इन 100 में प्रेरणा शामिल है। प्रेरणा की उपलब्धियों को न केवल देश में बल्कि विदेश में भी प्रेरणा का स्त्रोत माना गया प्रसिद्ध जापानी पत्रिका लेटराचुरा में प्रेरणा के बारे में दो पन्नों का एक आर्टिकल छापा है। प्रेरणा लाल उच्च और व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त उन युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं, जो बड़ी उपलब्धियां हासिल करने बाद भी अपनी मिट्टी से जुड़कर अपने गांव, समाज और देश के लिए कुछ करना चाहती हैं।
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पुरस्कृत हुआ उपन्यास
प्रेरणा की साहित्य में भी खासी रुचि है। उन्होंने एक लघु उपन्यास और बहुत सी कविताएं भी लिखीं हैं। उनके लघु उपन्यास माई डियर स्क्वाड्रन लीडर के लिए यूकी यूटो अवार्ड 2022 मिला है। इस लघु उपन्यास में उन्होंने कहा है कि उपन्यास का नायक अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को किस तरह सामंजस्य स्थापित कर बेहतर ढंग से जीता है। उपन्यास के मेल करेक्टर को भी सर्वश्रेष्ठ अवार्ड मिला है। इसके अलावा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवेल के लिए भी वह नामित हुई है। उनकी छह कविताएं भी अलग-अलग प्रतियोगिताओं में चयनित की गईं हैं।
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