मैगलगंज। क्षेत्र में बीते महीने हुई चोरियों की घटनाओं को खोलने के लिए पुलिस ने चोरों को तो पकड़ा, लेकिन आज तक चोरी गया सामान बरामद नहीं कर सकी है। चोरी हुआ सामान बरामद न होने से पुलिस के खुलासे पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से चोरी का खुलासा किया इसी के चलते सामान बरामद नहीं हो सका।
मैगलगंज पुलिस अपनी धू-धू बचाने को लेकर मुकदमें दर्ज करने के बाद आरोपियों को भी पकड़ रही है। लेकिन उनके पास से चोरी हुआ सामान और नकदी आदि बरामद करने में नाकाम है। घटनाओं पर नजर डालें तो 25 जून को बख्तियारपुर निवासी मनोज पुत्र राजेंद्र के घर पर चोरों ने धावा बोला था। चोर घर से एक जोड़ी झाले, पायल और अन्य जरूरी सामान चुरा ले गए थे। पुलिस ने कोई भी सामान बरामद नहीं किया।
इससे ठीक एक दिन पहले 24 जून की रात को कोलौरा गांव निवासी सुनील पुत्र ठाकुर के घर चोरी की वारदात हुई थी। चोरों ने एक मंगलसूत्र, एक कमर बिछुआ, दो करधनी, बच्चों के कंगन, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी झाला, एक जोड़ी मांग टीका, तीन जोड़ी माला और लगभग 50,000 नगद चुरा लिए थे। पुलिस ने लगभग एक सप्ताह बाद दोनों घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया, लेकिन अब तक चोरी गया सामान पीड़ितों को नहीं सौंपा जा सका है। इससे पीड़ित परिवारों में आक्रोश है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि चोर पकड़े गए हैं तो हमारा सामान कहां है। परिजनों ने पुलिस पर घटनाओं के खुलासे में खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि चाेरी गया सामान बरामद न होने से नाराज पीड़ितों ने एसपी को लिखित शिकायत भी भेजी है। सीओ मितौली जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि घटना का अनावरण हुआ है। किस आधार पर हुआ है, इसकी जानकारी करनी पड़ेगी। पीड़ितों ने जो एसपी को लिखित प्रार्थना पत्र दिया है, उसकी अभी कोई जानकारी नहीं है।
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स्थानीय यूट्यूबर से ली मदद, लेकिन हाथ लगी निराशा
बीते दिनों स्थानीय अभिजीत जोकि यू-ट्यूबर हैं, के मोहल्ले में देर रात कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की हलचल देखी गई। इस पर अभिजीत ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो मैगलगंज पुलिस के हाथ लगा तो पुलिस ने अभिजीत के साथ उस मोहल्ले में रात्रि गश्त की लेकिन कई घंटों तक गश्त होने के बाद भी कोई संदिग्ध पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।