कस्बा मितौली में क्षेत्रवासियों के विरोध के बाद प्रशासन ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राजा लोने सिंह की गढ़ी पर खुदाई का कार्य रोक दिया है। क्षेत्र वासियों ने इस ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की मांग की है।
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राजा लोने सिंह की गढ़ी को 1858 में अंग्रेजों ने ध्वस्त कर दिया था लेकिन अब तक इस गढ़ी के कुछ अवशेष और टीले बचे हुए थे। यहां सैकड़ों साल पुराना एक शिवमंदिर और कुंआ अब तक है। कस्बा मितौली सहित पूरे क्षेत्र के लोग इस गढ़ी के अवशेषों और टीलों के संरक्षण के लिए प्रयासरत थे। इस बीच बुधवार को तहसील प्रशासन ने वहां तहसील कर्मियों के आवास बनवाने के लिए टीलों की खुदाई और समतली करण का कार्य शुरू कर दिया। स्वाधीनता संग्राम का यह गौरवशाली चिह्न नष्ट होने लगा तो कस्बे के अलावा क्षेत्र के लोग भी नाराज हुए इन लोगों ने जहां क्षेत्रीय विधायक सुनील कुमार लाला से मिलकर हस्तक्षेप करने की मांग की वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों को फैक्स भेजकर इस अनमोल धरोहर को नष्ट होने से बचाने का अनुरोध किया। आखिर कस्बे के लोगों का प्रयास रंग लाया। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक सुनील कुमार भार्गव ने भी प्रशासन से बात की गुरुवार को इस गढ़ी की खुदाई का कार्य प्रशासन ने रोक दिया। गढ़ी संरक्षण समिति के पदाधिकारी केके मिश्रा ने बताया की इस बारे में ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित कराने की मांग की गई है।