स्वर संगम संगीत विद्यापीठ के तत्वावधान में संस्था के संस्थापक स्व. राजकुमार तिवारी के जन्मोत्सव पर भजन संध्या का आयोजन किया गया। युवराजदत्त महाविद्यालय के जुबली हाल में कलाकारों ने राजकुमार के रचित भजन पेश किए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि भगवानदीन आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. निरुपमा अशोक और स्व. तिवारी की धर्म पत्नी शकुंतला तिवारी ने चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
भजन संध्या का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। संस्था के छात्र प्रतीक श्रीवास्तव, अर्पण श्रीवास्तव, अजय दीक्षित, अंशुमान सिंह और अक्षत अवस्थी ने अपने स्वरों से भजन संध्या को सजाया। महेश जायसवाल और राज किशोर पांडेय ने राजकुमार तिवारी के जीवन पर प्रकाश डाला। इसके बाद सितांशु ने राग यमन कल्याण में तुम हरो जन-जन की पीर गाकर पूरे कार्यक्रम स्थल को भक्तिमय कर दिया। भजनों की इस श्रृंखला में राग भीम पलासी में भजन कान्हा तोरी लागे छवि मोहे प्यारी को पवित्रा शुक्ला, श्वेता शुक्ला और शिवानी शुक्ला ने अपने स्वरों से सजाया।
संस्था के बच्चों ने चारुकेशी में रचित भजन दोऊ भइया मैया से मांगे दे दो माखन रोटी गाकर लागों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन बच्चों में मान्या, अपेक्षा, अभय, अनुष्का, प्रथा और वृंदा शामिल रहे। इसके बाद शिवानी श्वेता, स्वाती, चांदनी और स्मिता ने राग तिलक कामोद में;गोपाल मेरो मांगत माखन रोटी गाकर खूब वाहवाही लूटी। गिटार बादक हिमांशु तिवारी के गिटार की संगत पर पवित्रा, शिवानी और श्वेता;सुमिरन करिले और राग मांड में तू टेढ़ो तेरा तेरी टेढ़ी नजरिया भजन गाकर सभी को मंत्रगुग्ध कर दिया।
अंत में मुख्य अतिथि डॉ. इरा श्रीवास्तव ने संस्था में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए। साथ ही सुप्रसिद्ध गणेश शंकर श्रीवास्तव को शाल ओढ़ाकर और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। संचालक सितांशु तिवारी ने मुख्य अतिथि डॉ. इरा श्रीवास्तव को सम्मानित किया।