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समाज में नारी का स्थान सर्वोच्च और महत्वपूर्ण

Mon, 20 Feb 2017 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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yag - फोटो : amar ujala
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- अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से हुआ महायज्ञ
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अखिल विश्व गायत्री परिवार के परिब्राजक राजेश दीक्षित ने कहा कि नारी मनुष्य के सभी अभावों, कष्टों और संकटों का निवारण करने में समर्थ हैं। दांपत्य जीवन की मधुरता में पुरुष और स्त्री दोनों का पूर्ण सहयोग रहता है। फिर भी नारी का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। शास्त्रों में नारी को गृहलक्ष्मी, ब्रह्मविद्या, श्रद्धा पूर्वक सद्भावना से सींचा जाए तो वह सोमलता विश्व के कण कण को अपने स्नेहामृत से सींच सकती है। 
राजेश दीक्षित धौरहरा तहसील क्षेत्र के चकलाखीपुर गांव में गायत्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ में श्रीमद् प्रज्ञा पुराण की पावन कथा सुनाते हुए कही। महायज्ञ शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में हुआ। राजेश दीक्षित ने कथा सुनाते हुए कहा कि भारत माता की गोद में अनेक स्त्री रत्नों ने जन्म लिया है जिन्होंने भारत माता को अनेक नर रत्न प्रदान किए हैं। इस देश में अनेक महापुरुषों अपनी महानता का श्रेय अपनी माता को दिया है। उन्होंने दहेज समेत सभी बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी है। महायज्ञ में गीत संगीत दिया अजय मिश्र, आदर्श वर्मा और मानू ने। 
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कार्यक्रम में अनेक संस्कार संपन्न किए गए और हजारों लोगों ने यज्ञ में आहुतियां डालीं। महायज्ञ में राष्ट्र के सैनिकों की सलामती और गौहत्या बंद करने के लिए भी आहुतियां डाली गईं। आतंकवाद की समाप्ति के लिए प्रार्थना की गई। महायज्ञ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए और पुस्तक मेला भी लगाया गया। महायज्ञ का समापन दीपयज्ञ के साथ हुआ। महायज्ञ की व्यवस्था चकलाखीपुर प्रज्ञा मंडल केे सदस्यों ने किया।

गायत्री परिवार ने कराया नौ कुंडीय महायज्ञ और दीपयज्ञ
गोला गोकर्णनाथ। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में खुटार मार्ग स्थित फूलबाबा आश्रम में हो रहे तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा सम्मेलन के दूसरे दिन नौ कुंडीय महायज्ञ, विराट दीप यज्ञ और दीक्षा संस्कार कराए गए हैं।
नारायणी देवी मंदिर परिसर में गायत्री परिवार की रानी चौधरी, सत्यनारायण वर्मा, मुनीश शुक्ला, भगवत स्वरूप दीक्षित की देखरेख में हुए नौ कुण्डीय महायज्ञ में नशामुक्त समाज बनाने के लिए यजमानों द्वारा आहुतियां डाली गईं। उसके बाद दीक्षा संस्कार हुए जिसमें आनंद त्रिवेदी, साधना त्रिवेदी, अवधेश मिश्रा, अरुण बाजपेई, ज्ञानेंद्र बाजपेई, पूजा दीक्षित, रचना तिवारी, नीलमा गिरि आदि ने दीक्षा ली।
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अल्मोड़ा के टोली नायक माया प्रकाश ने प्रज्ञा पुराण की कथा सुनाई। उन्होंने यज्ञ की महत्ता और महिमा पर प्रकाश डालते हुए उपस्थिति लोगों से व्यसन मुक्त रहने का संकल्प दिलाया और आचार्य श्रीराम शर्मा के समाज सुधार कार्यक्रमों का बखान किया। आश्रम परिसर में व्यसन मुक्ति संकल्प दीप महायज्ञ सम्पन्न हुआ। जिसमें पंडित देवस्वरूप शर्मा, दंडी स्वामी वेदव्यास, डॉ. पूनम वर्मा, राजेश साहनी, रामदयाल, अयोध्या प्रसाद वर्मा, सतीश बाजपेई, गीता सिंह, सुनीता सिंह, संजय दीक्षित, रामकुमार गुप्ता, महेश पटवारी, प्रेम दीक्षित, निर्मला गुप्ता समेत सैकड़ों भक्तों ने दीप प्रज्वलन कर प्रसाद ग्रहण किया।
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