बाइक चलाते समय भी नहीं लगाते हेलमट
पकड़े जाने पर पुलिस चालान कर झाड़ लेती है पल्ला
दुपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वालों के लिए भी सरकार ने भले ही हेलमेट अनिवार्य कर दिया हो, लेकिन खीरी जिले में अधिकतर बाइक चालक ही हेलमेट नहीं लगाते। कुछ लोगों की बाइक में हेलमेट टंगा जरूर दिखेगा, लेकिन फर्राटा भरते समय भी वे इसे पहनना जरूरी नहीं समझते। पुलिस भी चेकिंग के दौरान सिर्फ चालान और जुर्माना वसूल कर अपना पल्ला झाड़ लेती है।
यूं तो सुरक्षा कवच माने जाने वाले हेलमेट का उपयोग बाइक चलाने के दौरान करना बेहद जरूरी है। हादसे के दौरान हेलमेट होने से जान भी बच सकती है, लेकिन अमूमन लोग इसका उपयोग नहीं करते हैं। हादसा होने पर बाइक चालक और उस पर सवार लोगों की जानें चली जाती हैं। अपने जिले में अधिकतर बाइक चालक हेलमेट का उपयोग नहीं करते हैं, जबकि दुपहिया चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कभी-कभार इक्का-दुक्का बाइकों में हेलमेट लटका जरूर दिख जाता है। पुलिस भी वाहन चेकिंग के दौरान सिर्फ चालान और समन शुल्क वसूल कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है। यूपी कैबिनेट की बैठक में सड़क हादसों में बढ़ रहीं मौतों को देखते हुए अब बाइकों पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदार महकमा इसे पूरी तरह से धरातल पर लागू करा पाएगा।
56 वाहनों का चालान कर शमन शुल्क वसूला
धौरहरा खीरी। एसपी के आदेश पर चलाए गए वाहन चेकिंग अभियान में पुलिस ने कई स्थानों पर चेकिंग कर 56 वाहनों का चालान किया और 28 हजार रुपये शमन शुल्क वसूला। कोतवाल अमर सिंह ने बताया कि सिसैया चौराहा, मुराउवन पुरवा, कफारा, महादेव, लालजीपुरवा में चेकिंग कर 28 हजार रुपये शमन शुल्क वसूले और 56 वाहनों का चालान किया।