सरकारी धान खरीद में लगे आढ़तियों को एक माह से भुगतान नहीं मिल पा रहा है, जिससे आढ़तियों की कमर टूट गई है। ऐसा प्रदेश सरकार के निर्णय से हुआ है, जिसमें 22 जनवरी 2016 से पूरे प्रदेश के आढ़तियों के भुगतान पर रोक लगाई गई है। इससे खीरी के आढ़तिये बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इनका करीब 40 करोड़ रुपये भुगतान अटक गया है। आर्थिक संकट से जूझ रहे आढ़तियों ने प्रदेश सरकार से भुगतान पर लगी रोक शीघ्र हटाने की मांग की है।
इस वर्ष जिले में धान खरीद का लक्ष्य एक लाख 39 हजार 640 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था, जिसे पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी एजेंसियों के साथ ही आढ़तियों को सरकारी धान खरीद करने की अनुमति दी थी। इस आदेश के तहत जिले में 50 आढ़तियों ने खरीद की। सरकारी एजेंसियों के 110 क्रय केंद्रों को पछाड़ते हुए आढ़तियों ने अब तक एक लाख 23 हजार 567 मीट्रिक टन धान खरीद की है, जबकि सरकारी एजेंसियों ने 51 हजार 530 मीट्रिक टन धान खरीदा है। किसानों को भुुगतान के मामले में एक सरकारी एजेंसी पीसीएफ पर 293.50 लाख रुपये बकाया है। वहीं, आढ़तियों ने भी किसानों को पूरा भुगतान कर दिया है। केंद्रीय एजेंसी एफसीआई को उसे डिलीवर्ड होने वाले चावल का भुगतान प्रदेश सरकार कर रही है। इसके बावजूद आढ़तियों का भुगतान रोके जाने से तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस बार लक्ष्य से कहीं अधिक खरीद की गई है, जिससे प्रदेश सरकार ने सरकारी एजेंसियों के लिए बैंकों से लिए गए ऋण मद में एफसीआई से प्राप्त होने वाले भुगतान को जमा कर दिया है। आढ़तियों का पैसा भी सरकार अपने फायदे के लिए प्रयोग कर रही है।
धान खरीद का भुगतान बिना किसी कारण के रोका गया है, जिससे आढ़तियों का करीब 40 करोड़ रुपया अटक गया है। इससे मिलर निरंतर होने वाले व्यय जैसे बिजली बिल, मंडी और वैट टैक्स और मजदूरों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। वहीं संबंधित विभाग जल्द भुगतान करने के लिए कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं। इन हालातों से आने वाली गेहूं खरीद पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। - संजय गुप्ता, लखीमपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन
आढ़तियों का भुगतान रोके जाने का मामला जानकारी में है, लेकिन यह कदम प्रदेश सरकार ने उठाया है। भुगतान रोके जाने के कारणों के बारे में जानकारी नहीं है और न ही अभी शासन से इस संबंध में कोई निर्देश मिल हैं। - अर्जुन प्रसाद पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी