लखीमपुर खीरी। पलिया क्षेत्र में शनिवार को सड़क किनारे संदिग्ध हालात में युवती का शव मिलने के मामले में सनसनीखेज तथ्य सामने आया है। माना जा रहा था कि झोलाछाप द्वारा गर्भपात करने से युवती की मौत हुई थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह सामने आया है कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी।
शनिवार की सुबह पलिया के संपूर्णानगर मार्ग पर एक युवती का सड़क किनारे शव बरामद हुआ था। घटना को लेकर लोगों के जेहन में तमाम सवाल उठने लगे थे। हालांकि पुलिस ने भी कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी। इधर, मृतका के भाई ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि नौगवां निवासी झोलाछाप नीरज चौरसिया ने उसकी बहन को अपने क्लीनिक पर बुलाया। यहां पहले से ही उसका प्रेमी सर्वेश यादव मौजूद था। क्लीनिक पर नर्स सोनम साहनी ने गलत तरीके से दवाइयां और इंजेक्शन आदि लगाकर गर्भपात की कोशिश की।
हालत खराब होने के बाद सोनम ने अपने पति विक्की साहनी को बुलाकर उसकी बहन का अपने आवास पर इलाज किया था। काफी हालत बिगड़ने के बाद संपूर्णानगर मार्ग स्थित एक प्राइवेट अस्पताल लेकर गए, जहां डाॅक्टर ने उसकी बहन को मृत घोषित कर दिया। युवती की मौत हो जाने के बाद आरोपी शव सड़क पर फेंक कर फरार हो गए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवती की मौत गला दबाने से हाेना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे में धाराएं तरमीम करने की बात कह रही है।
इंस्पेक्टर से लेकर सीओ तक को नहीं मिला रिपोर्ट देखने का मौका
युवती का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया। तहरीर नामजद मिली तो आनन-फानन पुलिस ने चारों आरोपियों काे गिरफ्तार कर उनका चालान भेज दिया। इतने गंभीर मामले में प्रभारी निरीक्षक पलिया पंकज त्रिपाठी और सीओ यादुवेंद्र यादव को पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने भर का मौका नहीं मिला। दोनों ही अधिकारियों ने गोला में ड्यूटी लगी होने का हवाला देते हुए रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ बता पाने की बात कही।
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गोला में ड्यूटी लगी है। रिपोर्ट को देख नहीं सका हूं। देखने के बाद ही कुछ कह पाना संभव होगा।
यादुवेंद्र यादव, सीओ, पलियाकलां