बिजली विभाग को जिले में उपकेंद्र बनाने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। शहर के साथ ही खमरिया में भी उपकेंद्र बनाने के लिए जमीन की कमी आडे़ आ रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मितौली में जमीन मिल गई है, लेकिन वहां निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है।
बता दें कि जिले में 33/11केवीए के पांच बिजली उपकेंद्र बनाने का कार्य प्रस्तावित है, इनमें हाल में स्वीकृत तीन उपकेंद्र शहर के राजापुर, रामापुर और देवकली रोड पर बनाए जाने हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जमीन न मिलने के कारण तीनों उपकेंद्र का निर्माण लटका है। इसी तरह एक वर्ष पूर्व स्वीकृत खमरिया में उपकेंद्र के निर्माण के लिए जमीन अभी तक नहीं मिल पाई है। वहीं मितौली में बनने वाले उपकेंद्र के लिए जमीन उपलब्ध होने की बात कही जा रही है लेकिन एक वर्ष बाद भी इस जमीन पर निर्माण शुरू नहीं किया गया।
एक उपकेंद्र से जुड़ेंगे 50 गांव
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक उपकेंद्र से चार फीडर निकाले जाने हैं और उनसे 50 गांवों को बिजली की आपूर्ति की जानी है। इसी तरह शहर में बनने वाले उपकेंद्रों से सीमावर्ती मोहल्लों, कस्बों और गांवों को जोड़ा जाएगा। इससे सैकड़ों उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति मिलेगी।
अधिशासी अभियंता राकेश सिंह ने बताया कि उपकेंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन से बात चल रही है। कुछ दिक्कतें आ रही हैं लेकिन जल्द ही दिक्कतों को दूर कर बिजली उपकेंद्रों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।