शहर की राम आसरे इंडस्ट्रीज के चावल भरे ट्रक को रिजेक्ट किए जाने से गुस्साए मुनीम ने चालान छीन लिया। भंडारण प्रबंधक को जान से मारने की धमकी दी तो एफसीआई कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों ने दिन भर कोई काम नहीं किया, जिससे अनलोडिंग सहित काफी काम प्रभावित हुए। एफसीआई के भंडारण प्रबंधक विनोद खुन्नू ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया है। साथ ही कहा है कि दिशा-निर्देश मिलते ही मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उधर इंडस्ट्रीज स्वामी शशिधर मिश्र उर्फ नामे महाराज ने कहा है कि वह प्रधानी चुनाव के कारण यहां नहीं थे, जिससे उन्हें पूरी बात का पता नहीं है। उनके मुनीम से गलती हुई है तो वह कार्रवाई करेंगे।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के भंडारण प्रबंधक विनोद खुन्नू ने बताया कि शहर की एक इंडस्ट्रीज से दो ट्रक पीसीएफ का चावल अनलोडिंग के लिए आया था। जांच में पाया गया कि प्लेन बोरों में चावल भरे हैं। राज्य सरकार के छापे के बिना चावल भरे बोरों को रिजेक्ट कर दिया गया। इस पर इंडस्ट्रीज के मुनीम प्रवीण सिंह ने चालान छीन लिया और चावल को कहीं और उतार देने की बात कहते हुए भंडारण प्रबंधक को गोली से उड़ा देने की धमकी दी। इससे गुस्साए निगम कर्मियों ने काम बंद कर दिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारी कह रहे थे कि जब अधिकारियों को नहीं बख्शा जा रहा है तो वह कैसे काम करेंगे। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने निर्णय किया कि जब तक प्रशासन की ओर से मामले की रिपोर्ट दर्ज करा उन लोगों को सुरक्षा नहीं दिलाई जाती, इसी तरह काम बंद रहेगा।
ये रहे हड़ताल में शामिल
भंडारण प्रबंधक के अलावा एके त्रिपाठी, एचके जायसवाल, एसपी अवस्थी, समीर वर्मा, ओमप्रकाश, उमेश राणा, केशव कुमार, निरंजल कुमार, अनुराग वर्मा, सुशील कुमार, प्रगति कटियार, अनुभव कुमार, आशीष कुमार, अजीत सिंह, गोपीनाथ गुप्ता, जयप्रकाश, मनोहर लाल, त्रिपुरारी यादव, अरुण कुमार, अली आदिल, भानू प्रताप, छुट्टन सिंह, फईम उल्ला खां, सुयेश शुक्ला, महेश पुरवार और ओमप्रकाश ने काम बंद रखा। इसके अलावा अंदेशनगर, पलिया, गोला और भंसड़िया के गोदामों पर भी काम बंद रहा। हर जगह के कर्मचारी जिला मुख्यालय आ गए थे।
प्रभावित हुए काम
एफसीआई कर्मचारियों की हड़ताल से गोदामों पर लोडिंग और अनलोडिंग नहीं हो सकी, जिससे ये कार्य प्रभावित हुए।
-धान खरीद प्रभावित हुई
-मिलर्स के चावल की अनलोडिंग नहीं हो सकी
- राशन दुकानों को दिया जाने वाले खाद्यान्न नहीं दिया जा सका
धमकी से आहत हैं प्रबंधक
जिले में एफसीआई के विनोद खुन्नू और एचके जायसवाल प्रबंधक हैं। दोनों प्रबंधकों का कहना है कि जानमाल की धमकी से वे काफी आहत है। यदि दोषी के विरुद्ध कार्रवाई न हुई तो उनके सहित सभी कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने अपने एरिया मैनेजर को संपूर्ण रिपोर्ट भेज दी है।
कहीं रिजेक्ट और परफेक्ट का खेल तो नहीं
लखीमपुर खीरी। राइस मिलर्स के धान भरे ट्रक को रिजेक्ट किए जाने और इससे उपजे विवाद के बाद एफसीआई में होने वाली घपलेबाजी की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगबाग यहां तक कह रहे हैं कि यह तो रिजेक्ट और परफेक्ट किए जाने का खेल है।
एक राइस मिलर्स के अनुसार, खरीद एजेंसियों के धान को राइस मिल द्वारा चावल बनाकर एफसीआई के गोदाम तक पहुंचाया जाता है। एफसीआई से मिलने वाली रसीद से उनका भुगतान होता है इसमें कई मानक निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में यदि बोरा मानक के अनुसार न हो या फिर चावल में नमी और टूटन हो तो उसे रिजेक्ट कर दिया जाता है। एक राइस मिलर्स के अनुसार रिजेक्ट की स्थिति में राइस मिल का हर ट्रक पर 15 से 20 हजार तक का नुकसान हो जाता है। यही वजह है कि राइस मिल से आने वाले चावल को हर हालत में परफेक्ट कराना चाहते हैं। सूत्र बताते हैं कि इसमें काफी मिलीभगत होती है, लेकिन एक महीने पहले ही यहां का चार्ज संभालने वाले भंडारण प्रबंधक विनोद खुन्नू नियमों को लागू करा रहे हैं, जिससे अब विवाद की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। फिलहाल वजह जो भी हो, पहली बार चावल के ट्रक को रिजेक्ट करने पर विवाद बढ़ा है। इससे यहां परफेक्ट और रिजेक्ट करने के मामले पर सवाल उठने लगे हैं।