लखीमपुर खीरी। खाद्य पदार्थ के नमूने फेल होने और बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थ बेचने के 10 मामलों में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सुनवाई के बाद एडीएम कोर्ट ने संबंधित कारोबारियों को एक माह में जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी रोकने के लिए समय-समय पर छापामार कार्रवाई की जाती है। जांच में जो नमूने फेल होते हैं, उनका मुकदमा एडीओ कोर्ट में चलता है। एडीएम कोर्ट ने 10 मुकदमों को निस्तारित करते हुए पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दो मुकदमे ऐसे थे जो बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ बिक्री करते पाए गए थे। इन पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है।
छह मुकदमे बिना रजिस्ट्रेशन खाद्य पदार्थ बिक्री के मामले के थे, इसमें 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूध और मैदा के एक-एक सैंपल मानकों में फेल होने पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक महीने के अंदर जुर्माना की धनराशि जमा करनी होगी। समय पर धनराशि जमा न करने पर आरसी जारी कर भू राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।
बताया कि प्रयोगशाला से 17 जांच रिपोर्ट मिली हैं। इसमें 12 नमूने अधोमानक आने पर विक्रेता को नोटिस जारी किए गए हैं। एडीएम न्यायालय में यह सभी मुकदमे भी दर्ज करा दिए गए हैं।