ओयल। जिला अस्पताल में मरीजों और उनके साथ मौजूद एक तीमारदार को वार्ड में ही गर्म भोजन देने की सुविधा कुछ माह भी नहीं टिक पाई। अब तीमारदारों को भर्ती मरीज को वार्ड में अकेले छोड़कर खाना लेने के लिए कैंटीन तक जाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों व उनके एक तीमारदार को वार्ड में ही भोजन उपलब्ध कराने की सुविधा माह जुलाई 2024 में प्रारंभ की गई थी। कुछ माह के बाद अचानक मरीजों को यह सुविधा मिलनी बंद हो गई। अब तीमारदार, मरीज को वार्ड में अकेला छोड़कर दूसरी मंजिल से अस्पताल के भू-तल पर स्थित रसोई तक भोजन लेने जाते हैं।
प्रतिदिन जिला अस्पताल में तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित सैकड़ों मरीज आते हैं। इससे यहां का वातावरण दूषित होता है। तीमारदार टीबी नमूना केंद्र व पैथोलॉजी के पास भीड़ से होकर रसोई से हाथों में रोटियां, सब्जी, दाल आदि लेकर वार्ड जाते हैं।
बोले तीमारदार
तीमारदार दिलीप ने बताया कि उनकी बच्ची भर्ती है। उन्हें प्रतिदिन खाना लेने के लिए दूसरी मंजिल से नीचे रसोई की दौड़ लगानी पड़ती है। एनआरसी से रसोई खाना लेने आए तीमारदार विवेक ने बताया कि उनका बच्चा 16 मई से भर्ती है। वार्ड में खाना नहीं मिलता, प्रतिदिन दो बार खाना लेने के लिए दौड़-भाग करनी होती है। कमरुनिशा ने बताया कि अस्पताल की लिफ्ट बंद हैं। खाना लेने के लिए जीने अथवा स्लैब से पैदल नीचे आना-जाना पड़ता है। इससे काफी कठिनाई होती है। तीमारदार करुणेश ने बताया कि उनके मरीज का अस्पताल में आज तीसरा दिन है। खाना वार्ड की बजाय किचन तक लेने जाना पड़ता है।
अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज
बुधवार को जिला अस्पताल में करीब 1140 नए मरीजाें ने पंजीकरण कराया। अस्पताल के बच्चों के वार्ड में 20, कुपोषण पुनरीक्षण में 10, जनरल पुरुष वार्ड में 16, महिला में 24, वृद्धजन के वार्ड में 10 तथा आइसोलेशन वार्ड में 16 मरीज भर्ती होकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इस समय स्टाफ की कमी के कारण मरीजों के लिए वार्ड में भोजन पहुंचाने की सुविधा बंद है। स्टाफ मिलते ही पुनः सुविधा मरीजों को दी जाएगी।
डॉ. राजकुमार कोली, सीएमएस