लखीमपुर खीरी की तहसील गोला और ब्लॉक विजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा नयापुरवा का अस्तित्व खतरे में है। शारदा नदी की तेज धार नयापुरवा के घरों को लील रही है। कल तक जो लोग पक्के मकानों में सोते थे, आज वह बरसात में खुले आसमान के नीचे समय काट रहे हैं।
काश्तकार कहे जाने वाले लोग आज जमीनें कट जाने के बाद भूमिहीन और बेघर हो गए हैं। उनकी हालत बहुत खराब है। शारदा नदी का जलस्तर कभी बढ़ जाता है तो कभी घट जाता है। इससे कटान लगातार हो रहा है। जो कुछ घर बचे हैं, वह भी कटान की जद में हैं। यही आलम रहा तो आने वाले एक-दो महीने में गांव का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
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नदी में समाए इन लोगों के घर
नयापुरवा में जिन लोगों के मकान कट चके हैं, उनमें रामकृष्ण पुत्र मल्लू, रमेश पुत्र द्वारिका, विजय पुत्र द्वारिका, राम अवतार पुत्र द्वारिका, सुशील पुत्र डालचंद, राम प्रसाद पुत्र छोटेलाल, संत राम पुत्र राम दत्त, सर्वेश पुत्र हरी लाल, सुशील पुत्र हरी लाल, रामेंद्र पुत्र हरी लाल, राम सहेली पत्नी राम अवतार, बबलू पुत्र रामसागर, जया भादुरी पत्नी रामसागर आदि शामिल हैं।
लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया कि प्रशासन द्वारा शुक्रवार को कटान पीड़ितों को लंच पैकेट बांटे गए हैं। सूची बनाकर लगातार प्रशासन को भेजी जा रही है। कुछ लोगों के बाढ़ राहत के पैसे भी आना शुरू हो गए हैं। ग्राम प्रधान भगवती प्रसाद और अविनाश मिश्रा लगातार मौके पर मौजूद रहकर कटान पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।