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Lakhimpur Kheri News: खतरे में जान, स्कूलों में नहीं आग से बचाव के इंतजाम

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नकहा ब्लॉक के  यूपीएस बड़ागांव मे रसोई के बाहर फायर सिलेंडर और  टंगी बाल्टी
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लखीमपुर खीरी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में रसोइया और बच्चे खतरे में हैं। आग लगने की स्थिति में यहां आग बुझाने के इंतजाम नहीं हैं। विभागीय लापरवाही के चलते अब तक दो रसोइयों की मौत हो चुकी है, जबकि कई झुलस चुके हैं। शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों की पड़ताल कराई गई तो स्थिति भयावह निकली। ज्यादातर स्कूल में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं मिले।
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जिले में कुल 3106 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व संविलियन विद्यालय हैं। बच्चों को शिक्षा के साथ ही पौष्टिक आहार देने के लिए मध्याह्न भोजन योजना शुरू की गई थी। शहरी क्षेत्रों के अलावा कुछ अन्य तहसीलों में खाना सप्लाई किया जाता है। जबकि अन्य जगहों पर संचालित हो रहे स्कूलों में भोजन बनाने के लिए रसोइये तैनात हैं। कई बार भोजन बनाने के दौरान आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। लखीमपुर और मोहम्मदी में दो रसोइयों की जलकर मौत हो गई थी। घटनाओं के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी ढुलमुल रवैया अख्तियार किये हुए हैं।
कहीं खाली मिले सिलिंडर तो कहीं एक्सपायर हो चुके यंत्र
स्कूलाें में आग बुझाने के इंतजाम की पड़ताल कराई गई तो पता चला कि कई विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र रिफिल नहीं कराए गए। ऐसे में आग लगने की घटना पर ये यंत्र काम ही नहीं आ पाएंगे। कई स्कूलों में तो अग्निशमन यंत्र मिले ही नहीं। अधिकतर परिषदीय विद्यालयों में आगजनी से निपटने के लिए रसोइयों को प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया। सदर विद्यालय, नौरंगाबाद, गुटैयाबाग सहित कई स्कूलों में अग्निशमन यंत्र व अन्य जरूरी बचाव का सामान उपलब्ध नहीं मिला।
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दस साल से किसी ने नहीं ली सुध
नकहा ब्लॉक के यूपीएस बड़ागांव में पड़ताल के दौरान बदहाल हालत में अग्निशमन यंत्र लगे हुए पाए गए। प्रधानाध्यापक सलीम ने बताया कि करीब दस साल पहले यह अग्निशमन यंत्र लगाए गए थे, जिसके बाद से किसी ने भी सुध नहीं ली। लिहाजा इन सिलेंडरों में मौजूद गैस काम भी कर रही होगी या नहीं, कह पाना काफी मुश्किल होगा।

क्लास रूम में बनता मिला मध्याह्न भोजन
खमरिया। गोविंद शुगर मिल के प्राथमिक विद्यालय खमरिया पंडित में क्लास रूम में ही खाना बनता हुआ पाया गया। विद्यालय के सहायक इंचार्ज बसंत कुमार ने बताया कि रसोई घर न होने की वजह से कक्षा में ही खाना बनवाना पड़ता है। उक्त विद्यालय में गैस सिलिंडर के साथ ही अग्निशमन यंत्र तो मिले लेकिन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण रसोइयों को नहीं दिया गया है। ऐसे में यदि घटना होती है तो बचाव के इंतजाम होते हुए भी स्थित भयावह हो जाएगी। संवाद
अग्निशमन यंत्र तो हैं मगर गैस नहीं


गोला गोकर्णनाथ। नगर और क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में अग्निशमन उपकरण तो लगाए गए हैं, लेकिन इन्हें रिफिल नहीं कराया गया। गोला में लोने सिंह संविलियन, त्रिलोक गिरी संविलियन विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय नगर, जवाहर प्राथमिक, आदर्श प्राथमिक विद्यालय, कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय सहित सात परिषदीय विद्यालय हैं। प्रत्येक विद्यालय में 5-5 किलोग्राम के दो दो अग्निशमन यंत्र तो रखे मिले लेकिन ये काम नहीं आ पाएंगे। क्योंकि इनके सिलिंडर में गैस ही नहीं है। विकास खंड बांकेगंज की ग्राम पंचायत अलीगंज के प्राथमिक विद्यालय प्रथम में दो अग्निशमन यंत्र लगे हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक बाल मुकुंद ने बताया कि हर साल रिफलिंग कराई जाती है। संवाद

पलिया में ठीक हालत में मिले उपकरण
पलियाकलां। पलिया के मछली मंडी स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल में दो सिलिंडर हैं, एक नया आया है। सिंगाही खुर्द स्थित कंपोजिट विद्यालय में भी दो अग्निशमन यंत्र दिखाई दिए। कोठिया के मजरा गंगापुरवा में उच्च प्राथमिक स्कूल में भी आग बुझाने के दो अग्निशमन यंत्र हैं। दोनों चलताऊ हालत में है। संवाद

जिन स्कूलों में रसोई नहीं बनी है, वहां की ग्राम पंचायतों से वार्ताकर जल्द निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। स्कूलों में अग्निशमन यंत्र क्रियाशील हों, इसको लेकर संबंधित बीईओ को निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कहीं पर यंत्र क्रियाशील नहीं पाए जाते हैं, तो बीईओ के साथ ही प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए

नकहा ब्लॉक के  यूपीएस बड़ागांव मे रसोई के बाहर फायर सिलेंडर और  टंगी बाल्टी

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