गोला की रामलीला में तैयार किए गए पुतलों के सिर। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। श्री रामलीला महोत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। रामलीला में बरकत अली के हाथों बने रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले आकर्षण का केंद्र होते हैं। इन दिनों बरकत अली अपने पुत्र और पोते के साथ पुतले तैयार कर रहे हैं।
भले ही समाज में धार्मिक कट्टरता दिखती हो, लेकिन आज भी हमारे त्योहार आपसी सौहार्द को प्रस्तुत करते हैं। ऐसी ही बानगी है गोला की रामलीला, जहां पलिया निवासी बरकत अली 44 वर्षों से रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उनका पुश्तैनी काम है। शुरुआत में वह अपने पिता फजरुल रहमान के साथ गोला में पुतला बनाने आते थे। अब उनका पुत्र और पोते भी काम में हाथ बंटाते हैं।
गोला ही नहीं, बल्कि लखीमपुर और पलिया की रामलीला में भी पुतले बरकत अली ही बनाते हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने काम से लगाव है। इस काम ने ही उन्हें पहचान और सम्मान दिलाया है। रामलीला कमेटी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित करके भेजती है।
रामलीला कमेटी के महामंत्री पंकज गुप्ता ने बताया कि महोत्सव भव्य रूप से आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। मेला मैदान अभी खाली नहीं हो पाया है। इसके लिए विभागीय प्रक्रियाएं पूरी कर ली गईं हैं।
इस बार रावण 40, कुंभकरण 35 और मेघनाद का पुतला 25 फुट को होगा
बरकत अली ने बताया कि श्री रामलीला में रावण के पुतले की ऊंचाई 40, कुंभकरण की 35 और मेघनाद के पुतले की 25 फुट रहेगी। पुतले लगभग तैयार हो गए हैं।