डॉक्टरों ने सीएमओ से की शिकायत
सीएमओ ने डॉक्टरों को उनकी मांगें माने जाने का दिया आश्वासन
गुरुवार को डिप्टी सीएमओ तृतीय के सीएचसी और पीएचसी पर तैनात चिकित्साधिकारियों से रात के दौरान वहीं पर रूकने और इसका प्रमाण पत्र ग्राम प्रधान और बीडीओ से लाने पर ही जून माह का वेतन निर्गत करने के जारी आदेश से डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को चिकित्सा संघ के पदाधिकारियों ने सीएमओ से मुलाकात की और इस आदेश के साथ ही पूर्व में तीन डॉक्टरों के किए गए तबादलों को भी निरस्त किए जाने की मांग की।
सीएमओ डॉ. अरुण कुमार सिंह ने गुरुवार को सीएचसी और पीएचसी के चिकित्साधिकारियों को वहीं पर आवास बनाकर रात में निवास करने के आदेश जारी किए थे और इसका प्रमाण पत्र डिप्टी सीएमओ की ओर से जारी कराने के बाद ही जून माह का वेतन दिए जाने के निर्देश दिए थे। सीएमओ के इस आदेश पर डिप्टी सीएमओ रवीन्द्र नाथ ने मैलानी, परेली, झाउपुर, कुंभी, सिकंद्राबाद, गोला बिजुआ, बांकेगंज और खीरी के सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को रात में रूकने का प्रमाण पत्र ग्राम प्रधान और बीडीओ का लाने पर ही वेतन निर्गत करने का आदेश जारी कर दिया, जो डॉक्टरों को नागवार गुजरा। चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने डिप्टी सीएमओ पर बिना किसी विवेक के तुगलकी फरमान जारी करने का आरोप लगाया है और इसे निरस्त कराने की मांग को लेकर संघ के उपाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को सीएमओ डॉ. अरूण कुमार सिंह से मुलाकात की।
प्रतिनिधि मंडल ने डिप्टी सीएमओ के आदेश सहित पूर्व में तीन डॉक्टरों के किए गए तबादलों के आदेश को निरस्त किए जाने की मांग की। इस संबंध में डॉ.अमित सिंह का कहना है कि सीएमओ के आदेश पर गौर किए बगैर डिप्टी सीएमओ ने रवीन्द्र नाथ ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया। लेकिन सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ के जारी आदेश सहित डा. रवी सिंह, डॉ. जय विजय सिंह और डॉ. सावंत राव का तबादला निरस्त कर दिया है।