व्यापम घोटाले में थाना सिंगाही के गांव सहिंजना से मध्यप्रदेश की ग्वालियर एसआईटी द्वारा एक युवक को पकड़े जाने के बाद उसके परिवार वालों का बुरा हाल है। परिवार वालों का युवक से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परेशान युवक के पिता हीरालाल मध्य प्रदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं।
सिंगहा के मजरा गांव सहिंजना निवासी हीरा लाल के तीन बेटे संकटा प्रसाद, केशवराम और मनोज कुमार हैं। संकटा प्रसाद कई सालों से आपने परिवार से अलग रह रहे हैं। जबकि उसका भाई मनोज 2011 से मध्य प्रदेश में रह रहा है, जहां व्यापम घोटाले में उसकी एसआईटी तलाश कर रही है। बुधवार को एसआईटी ने गांव में दबिश देकर मनोज के भाई संकटा को अपनी हिरासत में ले लिया था। एसआईटी ने संकटा की गिरफ्तारी से इंकार करते हुए उसे मनोज का पता बताने के लिए अपने साथ ले जाने की बात परिवार वालों को बताई थी। मनोज ग्वालियर में पशु चिकित्सा कोर्स की ट्रेंनिंग कर रहा है। गुरुवार को पिता हीरालाल आदि ने संकटा के मोबाइल पर कॉल की, तो उससे बात नहीं हो पाई है। इससे घरवाले चिंता में हैं। संकटा का पता लगाने के लिए उसका पिता हीरालाल मध्य प्रदेश जाने की तैयारी कर रहा है, जहां वह संकटा के साथ ही मनोज से मिलने का प्रयास करेंगे। एसपी अरविंद सेन ने बताया कि आरोपी मनोज मौर्या की तलाश में एसआईटी आई थी। इसके बाद एसआईटी वालों से कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि परिवार वालों को घबराने की जरूरत नहीं है।