लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में अपने माता-पिता या किसी एक की मृत्यु होने से अनाथ हुए बच्चों को सहारा देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना चलाई है। ऐसे बच्चों के बालिग होने तक उनकी चल-अचल संपत्ति की सुरक्षा के लिए डीएम संरक्षक होंगे। संपत्ति से संबंधित कानूनी विवादों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बच्चों के भरण-पोषण, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। 18 वर्ष तक के सभी बच्चों व किशोरों को योजना का लाभ दिया जाएगा। बालिकाओं की शादी कराने के लिए भी सरकार मदद देगी। कक्षा 12 तक की निशुल्क शिक्षा व लैपटॉप या टेबलेट भी दिया जाएगा। ऐसी श्रेणियों के चिह्नित बच्चों या उनके अभिभावकों से जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति सीधे संपर्क कर उनके आवेदन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया 15 दिन में पूर्ण कराएंगे।
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने बताया कि एक मार्च 2020 के बाद जिन बच्चों के माता-पिता या वैध अभिभावक की मृत्यु कोरोना से हुई है। ऐसे बच्चे योजना में पात्र होंगे। बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ऐसे बच्चों की जानकारी चाइल्ड लाइन के नंबर 181 पर भी दी जा सकती है। संवाद