मितौली। शासन की प्राथमिकताओं में शामिल संपूर्ण समाधान दिवस मजाक बनकर रह गया है। इस बार यहां डीएम की अध्यक्षता में आयोजन था, पर वह सदर तहसील के आयोजन में शामिल हुईं। इस कारण अधिकांश फरियादी मायूस होकर वापस लौट गए।
सुबह 10 बजे से आयोजित होने वाले समाधान दिवस में 11 बजे तक हालात यह रहे कि मंच पर केवल तहसीलदार, सीएमओ और बीडीओ ही दिखाई दिए, जबकि फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सभागार में इंतजार करते रहे। सीएमओ की अध्यक्षता आयोजित हुए समाधान दिवस में मात्र 53 शिकायती पत्र आए, जिसमें छह शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया जा सका।
तहसील क्षेत्र के पिपरी नरायनपुर गांव के रहने वाले ओमप्रकाश ने बताया कि वह 2019 से लगातार तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में गाटा संख्या 321 चकमार्ग खाली करवाने के लिए करीब छह शिकायती पत्र दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी शिकायत का निस्तारण न हो सका है।
सलाहपुर ग्रंट की रहने वाली विमला देवी पत्नी विशंभर दयाल ने बताया कि पुत्र की मौत हो जाने के बाद उसकी पत्नी ने दूसरा विवाह कर लिया। परिवार रजिस्टर में उसका नाम अब भी दर्ज है। उसको कटवाने के लिए करीब एक वर्ष से लगातार प्रार्थना पत्र दे रही हैं, लेकिन कोई अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
परसेहरा मदारपुर गांव के रहने वाले हरिपाल सिंह सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण ग्राम पंचायत में पड़ी श्मशान घाट की जमीन पर जंगल झाड़ी हटवाकर साफ सफाई व उसका निर्माण कराए जाने की मांग करते हुए कई बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
गांव अछनिया निवासी विधवा महिला रामश्री अपनी बेटी के साथ तहसील समाधान दिवस में एक प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि प्रधान द्वारा उनके खेत में गलत तरीके से चकमार्ग निकाला गया है। उसको हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रही हैं।