धौरहरा। हनुमानगढ़ी मितौला की गद्दी को लेकर रविवार को दिनभर चला विवाद देर शाम संतों की पंचायत के बाद शांत हो गया। महंत हरिओम गिरि के देहावसान के बाद ग्रामीणों की ओर से ओमपुरी के पट्टाभिषेक के बाद गद्दी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। देवकली मंदिर लखीमपुर के महंत रोहित गिरि ने ओमपुरी के अभिषेक पर एतराज जताया था।
विवाद की जानकारी पर महंत रोहित गिरि करीब चार दर्जन वाहनों से संतों के साथ मितौला पहुंचे। वहीं, ओमपुरी के समर्थन में आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण भी आए और नारेबाजी की। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से कई बार अफरा-तफरी की स्थिति बनी। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी। सीओ धौरहरा शमशेर बहादुर सिंह ईसानगर और खमरिया पुलिस के साथ आ गए।
विवाद के समाधान के लिए मितौला से दूर सिंगावर में संतों की पंचायत बुलाई गई। त्यागी बाबा की मध्यस्थता में संतों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक विचार-विमर्श हुआ। पंचायत में ओमपुरी के मितौला के महंत बने रहने पर सहमति बनी।
मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई बिंदुओं पर सहमति हुई। मंदिर परिसर में गोशाला, गुरुकुल और अस्पताल का निर्माण कराने तथा बाहर से आने वाले संतों के मासिक सत्कार की परंपरा जारी रखने का निर्णय लिया गया।