लखीमपुर खीरी। दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सोमवार को जिला अस्पताल में लगे शिविर में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। दूरदराज से आए दिव्यांगजन तय समय सुबह आठ बजे पहुंच गए, लेकिन 12 बजे तक डॉक्टर नदारद रहे। बताया जा रहा है कि इसके बाद डॉक्टर पहुंचे और 60 लोगों को परीक्षण कर खानापूरी कर चले गए। इंतजार करते-करते थक चुके करीब 40 लोग लौट गए।
जिला अस्पताल में हर सोमवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए शिविर लगता है। इसमें बड़ी संख्या में जिले के दूरदराज इलाकों से दिव्यांगजन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टरों की टीम निर्धारित समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक इस प्रक्रिया के लिए शिविर में उपस्थित रहना होता है।
सोमवार को प्रमाणपत्र के लिए दिव्यांग सुबह आठ बजे ही जिला अस्पताल पहुंच गए। हालांकि, यहां ड्यूटी पर लगे चिकित्सक 12:30 तक शिविर में नहीं पहुंचे। शिविर के बाहर दिव्यांग लाइन लगाकर चिकित्सक का इंतजार करते रहे।
पैरों में समस्या है। सुबह आठ बजे ही अस्पताल आ गए थे। चार घंटे बीते चुके हैं, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। प्रमाणपत्र के लिए बहुत इंतजार करना पड़ रहा है।
कालिका प्रसाद, मरीज, ओदहरा
कई किलोमीटर का सफर तय कर शिविर में आए हैं। आंखों में समस्या है। इसलिए दिखाई भी नहीं देता है। किसी दूसरे के सहारे आए हैं। दोपहर के 12:30 बजने वाले हैं और डॉक्टर अब तक नहीं आए।
सूरदास, मितौली
पैरों में दिक्कत के लिए प्रमाणपत्र बनवाना है। कई घंटे से यहां बैठे हैं। यहां पूछने पर यही बता रहे हैं कि डॉक्टर साहब आने वाले हैं, लेकिन 12 बजे के बाद भी डॉक्टर अब तक नहीं आए हैं।
काजिम, महेवागंज
मैं करीबन दोपहर 12:30 बजे दिव्यांग परीक्षण शिविर में पहुंच गया था, चूंकि ट्राॅमा सेंटर में भी ड्यूटी करनी होती है। इसलिए समय लग गया।
डॉ. फैसल, ड्यूटी डॉक्टर
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शिविर में डाॅक्टर की ड्यूटी सीएमएस के यहां से लगती है। डॉक्टर किन परिस्थितियों में समय से नहीं पहुंचे, इसको दिखवाया जाएगा।
डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ