जैविक खाद तैयार करती दीदियां। स्रोत : स्वयं
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बैनर तले काम करने वाली दीदियां जैविक उत्पाद से जमीन को उपजाऊ बना रही हैं। उन्होंने समूह बनाकर इस काम में कई महिलाओं को रोजगार से भी जोड़ रखा है।
नकहा की ग्राम पंचायत जमकोहना की मीना देवी ने मिशन के तहत संतोषी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह बनाया। इसमें महिलाएं गोबर नेम लहसुन और प्याज से जैव उर्वरक जीवनाशी और जैव कीटनाशक तैयार कर रही हैं। उनके समूह में करीब 11 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वे अब परिवर्तन जैविक इकाई के नाम से उत्पाद बना रही हैं। मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाने के लिए मृदा संजीवनी भी बनाई जा रही है। मीना देवी का कहना है कि 66 रुपये प्रति लीटर की दर से वे उत्पाद किसानों को बेचती हैं। इसी तरह से जैविक उत्पाद बनाने वाली नकहा की ही ज्योति बंसवार ने बताया कि मृदा संजीवनी एक लीटर एक एकड़ फसल के लिए काफी है। पौध रक्षक पेस्टिसाइड का काम करता है। संवाद