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Lakhimpur Kheri News: रील में ''लाइक्स'' की चाहत, रियल में बन रही ''आफत''

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लखीमपुर खीरी। सोशल मीडिया के दौर में लोग ‘रील’ की दुनिया में इस कदर खो गए हैं कि ‘लाइक्स’ और ‘फॉलोअर्स’ की गिनती उनके आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन का पैमाना बन गई है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा और खुद को बेहतर दिखाने की चाह ने युवाओं में डिजिटल तनाव और सोशल एंग्जायटी जैसी समस्याओं को जन्म दिया है।
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आज अधिकतर युवा घंटों मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहते हैं। कभी रील देखते हुए तो कभी खुद को बेहतर दिखाने के लिए रील बनाते हुए। पोस्ट करने के बाद कितने लाइक्स आए, यह सवाल उनके मन पर हावी हो जाता है। लाइक्स कम मिलने पर वे खुद को असफल समझने लगते हैं, जिससे आत्म-सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है।

जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि यह आदत अब एक तरह की डोपामिन एडिक्शन का रूप ले चुकी है। हर लाइक पर दिमाग में मिलने वाला रिवॉर्ड सिग्नल व्यक्ति को बार-बार वही अनुभव पाने की चाह में सोशल मीडिया पर सक्रिय रखता है। नतीजतन, वास्तविक जीवन के रिश्ते, पढ़ाई और करियर पर ध्यान कम होता जा रहा है।
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कम उम्र के बच्चों में भी हो रही दिक्कत
मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि आजकल मां-बाप कम उम्र से बच्चों के हाथ में मोबाइल थमा देते है। इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास धीमे हो जाता है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब पांच से 10 बच्चे ऐसे आते हैं, जो मोबाइल की आदी हो जाते है और उनमें मानसिक क्षमता कम होने लगी है।

मोबाइल से दूर परिवार के साथ बिताएं समय
चिकित्सकों का कहना है कि पहले के समय में लोग परिवार के साथ समय व्यतीत करते थे। परिवार में एक-दूसरे से सीखते थे, लेकिन अब मोबाइल पर अधिकतर समय देने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए युवाओं को डिजिटल डिटॉक्स की आदत डालनी चाहिए, यानी दिन के कुछ घंटे बिना फोन के बिताएं, ऑफलाइन गतिविधियों में शामिल हो और आत्म-संतोष पर ध्यान देना जरूरी है।

आए दिन होती है कार्रवाई, फिर भी नहीं आ रहे बाज
जिले में भी कुछ ऐसे कंटेंट बनाने वाले युवा हैं, जो रील पर लाइक्स पाने के लालच में गैरकानूनी कंटेंट बना चुके हैं। बीते दिनों गोला के एक रीलबाज को पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। वहीं कई ऐसे रील बनाने वालों पर पुलिस कार्रवाई भी कर चुकी है। बावजूद इसके ऐसे कंटेंट लगातार सामने आ रहे हैं।
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