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बैंक खुले तो लग गई रुपये निकालने वालों की भीड़

Tue, 13 Dec 2016 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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कहीं दो, तो कहीं पांच हजार मिला भुगतान, शाम तक कतार में लगे रहे लोग
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तीन दिन की छुट्टियों के बाद मंगलवार को बैंक खुलने पर रुपये निकालने के लिए खातेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से लगी लंबी कतार शाम तक कम नहीं हुई। सरकार की लिमिट के अलावा बैंकों ने भी अपनी ओर से अघोषित तौर पर लिमिट लगा दी है, जिससे कई खाताधारक बेहाल दिखे। एटीएम की तरह ही इलाहाबाद बैंक की विकास भवन शाखा में सिर्फ दो हजार रुपये भुगतान किया गया। जबकि एसबीआई शाखा में अधिकतम पांच हजार रुपये की बंदिश लगाई गई। लिमिट के पीछे बैंकों का तर्क है कि वह अधिक से अधिक लोगों को भुगतान करना चाहते हैं। इधर, एटीएम की हालत में भी अभी सुधार नहीं हुआ है। मंगलवार को भी गिनती के कुछ एटीएम ही चले।
स्टेट बैंक आफ इंडिया की मेन ब्रांच में सुबह से ही लोग कतार में लगे रहे, यहां लोग की भीड़ शाम तक बनी रही। यहां भी कैश की किल्लत दिखी। कई जरूरतमंदों ने मुख्य प्रबंधक से गुहार लगाकर लिमिट बढ़वाई, क्योंकि कैशियर लिमिट से अधिक विड्राल होने पर लाइन में लगे लोगों को वापस कर दे रहे थे। मुख्य प्रबंधक अमरेश कुमार मौर्या ने बताया कि एसबीआई की सभी 27 ब्रांचों में नोटबंदी के बाद से पुराने नोट के तौर पर 160 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। इसके सापेक्ष लखनऊ की चेस्ट से अब तक 36 करोड़ रुपये ही मिले हैं। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, पीएनबी, डीसीबी, अर्बन कोआपरेटिव आदि बैंकों को करीब 45 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 
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गोला गोकर्णनाथ। कैश की कमी दूर न होने के कारण लोगों को बैंक से निराशा ही हाथ लगी। नगर के सभी बैंकों में कैश की कमी बनी रही। रोशननगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में कैश न होने के कारण लोगों को भुगतान नहीं किया गया। 
ममरी। इलाहाबाद बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक, गनेशपुर की ओरियंटल बैंक, रोशननगर, अजान, अहमदनगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के सामने रुपये निकालने वाले खातेदारों की भीड़ लगी रही। शोर शराबा, धक्का-मुक्की के बीच ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित किया। तमाम लोग कैश के अभाव में खाली हाथ लौट गए। बैंक प्रबंधकों ने वंचित खातेदारों को बुधवार को पहले भुगतान करने का आश्वासन दिया है। इसी तरह के हालात संसारपुर, कुकरा स्थित बैंकों में रहे। 
मैलानी। स्टेट बैंक और इलाहाबाद बैंकों में सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही, लेकिन जब बैंक खुले तो पता चला कि पैसा ही नहीं है। स्टेट बैंक कर्मियों नेे बताया कि चेस्ट में ही पैसा नहीं है। इलाहाबाद बैंक भी सुबह से कैशलेस रहा। स्टेट बैंक का एटीएम चला। एसबीआई में तो कुछ महिलाओं की गेट बंद किए पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हो गई।
बांकेगंज। बांकेगंज स्टेट बैंक में पैसा खत्म होने से नाराज ग्राहकों ने हंगामा किया, जिस पर बैंक मैनेजर बीएन शर्मा ने लोगों को पैसा न होने की मजबूरी बताते हुए शांत कराया।
तिकुनियां। सेंट्रल बैंक में शाम करीब साढ़े चार बजे लोगों का गुस्सा उबल पड़ा, जब शाखा प्रबंधक ने चैनल पर आकर लोगों को कैश न होने की जानकारी दी। लोगों ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पर प्रबंधक ने शाम सात बजे तक कैश देने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग शांत हुए। रमाकांत पांडेय ने बताया कि प्रबंधक ने पहले 24 हजार रुपये का वितरण किया इसके बाद दस हजार दिए। भारतीय स्टेट बैंक में शाम चार बजे से वितरण शुरू किया गया। यूपी कोआपरेटिव बैंक में कैश न होने के चलते लोग निराश होकर लौट गए। इलाहाबाद बैंक के प्रबंधक हरिचरन सिंह ने बताया कि दो-दो हजार रुपये का वितरण कुछ लोगों को किया गया है। 
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जंगबहादुरगंज । तीन दिन के अवकाश के बाद नकदी न होने के कारण खाता धारकों को  कई बैंकों से भुगतान नहीं मिल सका । जेबीगंज तथा भारतीय स्टेट बैंक में  नकदी न होने के कारण भुगतान नहीं मिला।  यूपी  इलाहबाद बैंक मुल्लापुर शाखा ने मात्र दो हजार रुपये प्रति खाताधारक भुगतान किया। इलाहाबाद बैंक शाखा पसगवां में लगभग एक बजे भुगतान शुरू हो सका। 
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