भाकपा माले के जिला सचिव क्रांति कुमार सिंह ने किसान समस्याओं को लेकर सैकड़ों किसानों के साथ एसडीएम विश्राम सिंह को सात सूत्री ज्ञापन दिया। भाकपा माले किसान समस्याओं को लेकर मितौली तहसील के सामने धरना-प्रदर्शन करने वाली थी लेकिन प्रशासन ने भाकपा माले को अनशन नहीं करने दिया।
एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में बेमौसम बारिश और ओले गिरने से किसानों की बर्बाद हुई फसलों की तरफ प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए मुआवजा वितरण में किसानों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार से अवगत कराया गया। ज्ञापन में क्षेत्रीय किसानों की बर्बाद फसलों का ठीक ढंग से स्थलीय निरीक्षण कर आपदाग्रस्त किसानों की सूची बनाने, किसानों को मुआवजा राशि के चेक एक सप्ताह में वितरित किए जाने, किसानों की कर्ज वसूली तत्काल स्थगित किए जाने और किसानों को खरीफ की फसल के लिए अनुदान पर बीज उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई। साथ ही किसानों का गन्ना भुगतान शीघ्र दिलाए जाने, औरंगाबाद परगना के नयागांव, बेहड़ा, जोरावर और सेमरा घाट की नीलगायों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में किसानों का शोषण बंद कराए जाने की मांग की गई।
पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर भाकपा माले सात जून को मैगलगंज में किसानों के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन करेगी।
सुबह से तहसील पर मुस्तैद रही पुलिस
भाकपा माले के धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की भनक पाकर पुलिस प्रशासन सुबह दस बजे से ही तहसील मुख्यालय पर मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी मितौली जावेद अख्तर, नीमगांव थाने की पुलिस ने धरनास्थल पर लगे टेंट और लाउडस्पीकर को अनुमति न होने के कारण हटवा दिया। भाकपा माले नेता के साथ सैकड़ों की संख्या में किसानों की आमद से पुलिस बल के हाथ पांव फूलने लगे। इस बीच पुलिस और माले नेता के बीच नोक-झोंक भी हुई। पुलिस ने मात्र पांच किसानों के साथ एसडीएम को ज्ञापन देने की अनुमति दी।