प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ने बुधवार को गौरीफंटा पहुंचकर सीमा का जायजा लिया और यहां उन्होंने कैमरे लगा कर दुधवा की निगरानी की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने अवैध कटान और जंगल में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एसएसबी और वन विभाग की पेट्रोलिंग प्रतिदिन करने को कहा।
संजीव सरन बुधवार को यहां पहुंचे और सीधे गौरीफंटा का रुख किया। वहां पहुंचकर उन्होंने भारत-नेपाल सीमा का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सीमा पर स्थित नो मेंस लैंड के पिलर भी देखे और खुफिया रास्तों को भी देखा। प्रमुख सचिव वन ने कहा कि खुली सीमा पर दुधवा की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएं और हर गतिविधि पर नजर रखी जाए। ताकि जंगल में अवैध कटान रुक सके और अन्य गलत गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि जंगल और सीमा की सुरक्षा के लिए माह में कुछ दिन होने वाली एसएसबी और वन विभाग की गश्त अब प्रतिदिन की जाए। कहा कि वन विभाग में कर्मियों की कमी को पीआरडी जवानाें से पूरा किया जाए। मानसून सत्र 15 जून से शुरू हो जाएगा। मानसून सत्र में जंगल का विशेष ख्याल रखा जाए।
इस दौरान उनके साथ वन महकमे के आलाधिकारी, डीएम किंजल सिंह, एसपी अरविंद सेन, एडीएम एसपी सिंह, एसडीएम शादाब असलम, डीडी बीके सिंह, तहसीलदार राजीव शुक्ला, नायब तहसीलदार राजू कुमार, बीडीओ तेजवंत सिंह, सीओ रामआसरे सिंह, इंस्पेक्टर कृष्ण मुरारी, केपी सिंह साथ रहे।
जीपीएस से लैस होंगे कर्मी
प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ने बताया कि बार्डर पर तैनात पार्क कर्मी जीपीएस से लैस किए जाएंगे। 0000000000
गैंगेस्टर की भी होगी कार्रवाई
प्रमुख सचिव वन ने कहा कि अगर कोई दोबारा जंगल से लकड़ी काटते पकड़ा जाता है तो उस पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाए।
वन चौकी का होगा निर्माण
श्री सरन ने कहा कि सीमा पर जहां ज्यादा कटान की आशंका रहती हैं वहां वन चौकियों का निर्माण किया जाए ताकि ऐसी गतिविधियों को रोकने में आसानी हो।
कई पिलर गायब मिले, एक के पास मिला स्कूल
निरीक्षण के दौरान सीमा पर कई पिलर गायब मिले और पिलर संख्या 199 से सटा हुआ एक स्कूल मिला। इसकी जांच शुरू करा दी गई है बताया गया है कि यह नेपाली स्कूल है। इसके लिए दुधवा में अधिकारियों ने नेपाल राष्ट्र के कैलाली जिलाधिकारी महादेव पंत और एसएसपी विक्रम बहादुर से वार्ता भी की। इसमें सीमा पार होने वाली गतिविधियों में सहयोग की बात कही गई है।
कटे पेड़ों की तमाम मुढ्ढियां मिलीं
निरीक्षण में संजीव सरन को सीमा के पास दुधवा जंगल में तमाम पेड़ों की कटी हुई मुढ्ढियां भी मिलीं। उन्होंने उसका बारीकी से निरीक्षण किया। इनको छिपाने के लिए मिट्टी से लीपापोती भी की गई थी।
आठ जून को आ सकते मुख्यमंत्री
आठ जून को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दुधवा आ सकते हैं। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।