व्यवस्थापन के चौथे चरण में 77 दुकानें तोड़कर बनाई 92
लखीमपुर खीरी। शराब दुकानों के व्यवस्थापन के लिए चौथे चरण की प्रक्रिया संचालित है, जिसमें शेष 77 दुकानों को तोड़कर 15 नई दुकानें सृजित की गई है। इससे दुकानों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है। नवसृजित दुकानों को लेकर ठेकेदारों में खलबली मच गई है, क्योंकि अपने एरिया में नई दुकान खोले जाने पर ठेकेदारों ने विरोध शुरू कर दिया है। इस कड़ी में कुछ ठेकेदारों ने आबकारी विभाग को कानूनी नोटिस भी भेज दी है।
बता दें कि वर्ष 2016-17 के लिए शराब दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। तीन चरणों में भी 77 शराब दुकानें छूट गई थीं, जिसमें सबसे ज्यादा देसी की 65 और अंग्रेजी की 12 दुकानें शामिल हैं। चौथे चरण में शराब दुकानों का व्यवस्थापन हर हाल में पूरा करानेे के लिए विभाग ने ज्यादा कोटे वाली दुकानों को तोड़कर 15 नई दुकानें सृजित की हैं, जिसमें 12 देसी और तीन अंग्रेजी शराब दुकानें हैं। रिक्त दुकानों के व्यवस्थापन के लिए फार्मों की बिक्री की जा रही है। वहीं कुछ ठेकेदारों ने अपने एरिया में नई दुकान खोले जाने पर विरोध शुरू कर दिया है। पंजाबी कॉलोनी निवासी रविंदर सिंह राना ने आबकारी अधिकारी को कानूनी नोटिस देते हुए कहा है कि नई बस्ती में उनकी अंग्रेजी शराब दुकान पहले से संचालित हैं, जिसकी लाइसेंस फीस 15.20 लाख रुपये है। पिछले वर्ष घाटा हो चुका है। इस वर्ष रोडवेज बसअड्डा के नाम से नई दुकान खोले जाने से जबरदस्त घाटा उठाना पड़ सकता है। लिहाजा नवसृजित दुकान को कहीं दूसरे स्थान पर खोले जाने की मांग उठाई है। उधर, जिला आबकारी अधिकारी अतुल प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि नई दुकानों से पहले से संचालित दुकानों की बिक्री पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके लिए समुचित दूरी पर दुकान खोलवाई जाएंगी।