गोला गोकर्णनाथ। कोतवाली में पूछताछ के लिए लाए गए एक युवक की हालत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। इलाज के दौरान परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
गांव विलियमगंज निवासी मोहन के अनुसार, 25 मार्च की शाम एक महिला गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। महिला जिस मकान में रहती थी, वहां मोहन का भाई प्रमोद कुमार राजमिस्त्री का काम कर चुका था। उसी के साथ काम करने वाले मजदूर मयंक का महिला से संपर्क हो गया था।
महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने मयंक को पकड़ लिया, जबकि पूछताछ के लिए प्रमोद कुमार को भी कोतवाली बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि प्रमोद को रात भर कोतवाली में रखा गया।
बृहस्पतिवार सुबह जब मोहन कोतवाली पहुंचा तो प्रमोद की हालत बिगड़ी हुई थी। सुबह करीब आठ बजे उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। होश न आने पर परिजन आक्रोशित हो गए और पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अन्यत्र इलाज की मांग करने लगे। इस दौरान काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह ने परिजनों को शांत कराते हुए युवक को जिला अस्पताल रेफर कराया।
पति ने प्रमोद और मयंक को किया था नामजद
प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह ने बताया कि महिला को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में मयंक और प्रमोद कुमार को नामजद करते हुए तहरीर दी गई थी। दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि महिला वापस आ गई है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार युवक की तबीयत बीपी की समस्या के चलते बिगड़ी थी और उसे उसके परिजन ही सीएचसी लेकर गए थे।