लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में स्कूलों के कायाकल्प के बाद शिक्षकों के कार्य-व्यवहार में अपेक्षित सुधार के लिए वार्षिक गोपनीय आख्या की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत शिक्षकों के वर्ष भर के क्रिया कलापों पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके लिए प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों के लिए अलग-अलग पैरामीटर्स तैयार किए हैं, जिसमें अंकों के आधार पर शिक्षकों की रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह व्यवस्था इसी शिक्षा सत्र से लागू होनी है। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेश पर बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सभी ब्लॉकों व नगर क्षेत्र के बीईओ को शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। इसकी खबर लगते ही कुछ शिक्षकों में खलबली मची है, जिन्हें गोपनीय आख्या के पैरामीटर्स पर फेल होने का डर सता रहा हैै। लिहाजा शिक्षक संगठन भी इस आदेश को वापस लेने की मांग करने लगे हैं।
मानव संपदा पोर्टल पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों व अध्यापकों का शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए वार्षिक मूल्यांकन प्रविष्टि की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए समय सारिणी जारी की गई है। प्रधानाध्यापकों/अध्यापकों द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर लॉग इन आईडी में स्वमूल्यांकन प्रारूप पूर्ण करके 15 अप्रैल 2021 तक बीईओ के पास भेजना होगा। इसके बाद बीईओ मूल्यांकन कर प्रविष्टि को 15 मई 2021 तक ऑनलाइन अपलोड करेंगे। बीएसए द्वारा वार्षिक प्रविष्टि 31 मई 2021 तक अंतिम रूप से स्वीकृत की जाएंगी। इसके लिए मूल्यांकन के पैरामीटर्स (मानक) निर्धारित किए गए हैं। जैसे ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभी सुविधाएं (14 पैरामीटर्स) पूर्ण होने पर 10 अंक दिए जाएंगे। औसत छात्र उपस्थिति, प्रधानाध्यापक की औसत उपस्थिति का प्रतिशत, लर्निंग आउटक्रम की अंतिम परीक्षा में मिले ग्रेड, दीक्षा पोर्टल के उपयोग, एसएमसी की बैठक, पुस्तकालय का प्रयोग आदि मूल्यांकन के मानक निर्धारित किए गए हैं।
वहीं सहायक अध्यापकों के लिए पैरामीटर्स में आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण एवं नामांकन, छात्रों की औसत उपस्थिति, अध्यापक की औसत उपस्थिति, लर्निंग आउटक्रम परीक्षा में मिला ग्रेड, दीक्षा पोर्टल का उपयोग आदि मानक तय किए गए हैं। बीईओ अपने क्षेत्र के शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या रिपोर्ट मूल्यांकन के पैरामीटर्स के आधार पर तय करेंगे। इससे लापरवाह शिक्षकों पर शिकंजा कस जाएगा, तो वहीं अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों को विभाग में नई पहचान मिलेगी। हालांकि इस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के एक धड़े में सुगबुगाहट बढ़ गई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर वार्षिक गोपनीय आख्या के संबंध में जारी आदेश को वापस लेने की मांग की है।
सभी शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या तैयार करने के लिए बीईओ को निर्देश जारी किए हैं। समय सारिणी के मुताबिक प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों को इससे प्रोत्साहन मिलेगा और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
- बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए