लखीमपुर खीरी। पलिया क्षेत्र में चंबरबोझ से बिलहिया मार्ग पर 26.14 करोड़ रुपये से 181 मीटर लंबा पुल शारदा नदी पर बनने जा रहा है। इसके लिए बजट पास हो गया। पुल निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। यहां के 45 हजार से अधिक लोग सालों से गांव आने-जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं।
वर्तमान में रपटा पुल काफी नीचा है और बारिश और बाढ़ के समय इस पुल पर पानी ओवरफ्लो होकर बहने लगता है। कई दिन तक गांव टापू बन जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। पुल का निर्माण हो जाने से ग्रामीणों को निकलने में परेशानियां नहीं होंगी, साथ ही पलिया समेत जिला मुख्यालय जाने के लिए उनको सहूलियत मिलेगी।
शारदा और सुहेली नदी करती हैं भयंकर कटान
ग्रामीणों के मुताबिक, इस इलाके में शारदा और सुहेली नदी भयंकर कटान करती है। पूरा इलाका बाढ़ की चपेट में आ जाने से आवागमन प्रभावित होता है। वर्षों से यहां के लोग इस समस्या से जूझते आ रहे हैं। क्षेत्र में करीब 40 से 45 हजार की आबादी निवास करती है। बड़ी संख्या में लोगों का शारदा नदी पार करके आना-जाना लगा रहता है। लोग पलिया तहसील और लखीमपुर मुख्यालय तक आते हैं। सभी का रास्ता इसी रपटा पुल से है, जो बरसात में बंद हो जाता है।
पुल निर्माण के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। अधिकारियों से बात करके आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जाएगी। फिलहाल, पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू जाएगा। - रोमी साहनी, पलिया विधायक
लोग बोले- बाढ़ के दिनों में टापू बन जाता है इलाका, बच्चों की पढ़ाई होती है प्रभावित
बाढ़ आने के बाद इधर के गांव टापू बन जाते हैं। ट्रैक्टर से भी आवागमन काफी मुश्किल हो जाता है रपटा पर पुल बन जाने के काफी सहूलियत होगी। - जसवंत सिंह,
बाढ़ के समय रपटा पुल पूरी तरह से बंद हो जाता है। ऐसे में बच्चों को नाव से स्कूल भेजने में परेशानी होती है। पुल बनने के बाद इस समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। - अरविंद सिंह, मकनपुर
पुल बनाने की मांग काफी समय से ग्रामीण करते आ रहे थे, क्योंकि बाढ़ के समय करीब 10 से 11 गांवों का संपर्क तहसील व जिला मुख्यालय से कट जाता है। पुल बनने के बाद काफी दिक्कत कम होगी। - करमजीत सिंह
बाढ़ के समय करीब 45 हजार की आबादी प्रभावित होती है और सबसे ज्यादा दिक्कतें मरीजों के सामने होती हैं। मजबूरी में नाव के जरिए मरीज पलिया पहुंच पाते हैं। पुल बनने के बाद ये समस्या भी खत्म होगी और दूर दूर फार्मों पर रहने वाले भी आसानी से पलिया जा सकेंगे। - जसपाल सिंह
अरविंद सिंह
अरविंद सिंह
अरविंद सिंह
अरविंद सिंह