बड़े फार्मरों के नाम पात्र सूची में शामिल
विधवा और भूमिहीनों के नाम एकड़ों भूमि दर्शाकर काटे नाम
पीड़ितों ने किया विरोध प्रदर्शन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत देवरिया में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले तमाम राशन कार्ड धारकों के नाम सत्यापन में काट दिए गए जबकि प्रधान पक्ष के दबाव के चलते तमाम भूमिधारी ग्रामीणों के नाम शामिल हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत देवरिया में पूर्व में 78 अंत्योदय कार्ड धारकों को राशन मिल रहा था जिसमें सत्यापन के दौरान 33 लोगों के नामों को अपात्र दिखाकर काट दिया गया। जबकि इनमें नूरजहां पत्नी मुन्ने खां, आसमीन बेबा पत्नी खुदाबख्श, अकबरी पत्नी साबिर खां, बेवा हादिसा, अमीरजहां पत्नी वसीर खां सहित कई लोग भूमिहीन है लेकिन सत्यापन में इनके नाम पांच एकड़ से अधिक भूमि दर्शाया गया है।
इसके अलावा पात्र गृहस्थी में 436 पात्रों में 86 लोगों के नामों को काटकर दूसरे लोगों के नामों को शामिल किया गया, जिनमें सुभाषनगर के कपिल देवी, सुभाष रानी पत्नी नरेंद्र कुमार, गुरुदेव कौर पत्नी जरनैल सिंह, देवेंद्र कौर पत्नी जसवंत सिंह, नरेंद्र कौर पत्नी रघुवीर सिंह, किशन सिंह पुत्र करम सिंह, कुलविंदर कौर पत्नी प्रेम सिंह सहित तमाम अपात्रों के नाम शामिल किए गए हैं जो काफी बड़े फार्मर बताए गए हैं। जबकि काटे गए पात्र गृहस्थी के नामों में नरगिस पत्नी इलियास, मारिया खातून पत्नी वहीद, नाहिदा बानो पत्नी सुमान खां, रूबीना पत्नी जासिद खां, रिजवाना पत्नी अब्दुल खालिद, शाहीन पत्नी जाकिर खां, हाजरा खातून पत्नी रहीस खां, बन्नो पत्नी रहूफ खान, रिजवाना पत्नी अब्दुल खादिल, अंजुम खातून पत्नी अकील खान सहित तमाम कार्डधारकों के नाम पांच एकड़ से अधिक भूमि दर्शाकर नाम काट दिया गया है जबकि इसमें अधिकतर कार्डधारक भूमिहीन और कुछ एक एकड़ से कम भूमि के स्वामी है।
जिन कार्डधारकों का नाम पात्र सूची से काटा गया है, उनमें कुछ की हालत काफी दयनीय बताई गई है। इसके बावजूद भी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने प्रधान पक्ष के दबाव में आकर पात्रों के नाम सूची से हटाकर तमाम बड़े फार्मरों को शामिल किया है जिससे ग्रामीणों में रोष हैं। इस बाबत ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र निदान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। गुरुवार को तमाम ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर शासन प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इस बाबत कोटेदार शाहनूर के पति अख्तर खां का कहना है कि जो सूची उन्हें प्राप्त हुई हैं। उसमें पात्रों के नाम काटे गए हैं, इसलिए सूची में संशोधन के बिना उन्हें राशन मिलना मुश्किल है। क्षेत्रीय लेखपाल मुनीष शुक्ला ने फोन पर बताया कि जो नाम काटे गए हैं उसमें अधिकतर पात्र और भूमिहीन शामिल हैं। वहीं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार वर्मा ने सूची सत्यापन के बाबत कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।